
रीवा । जिले में लावारिस वाहनों की नीलामी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। बिछिया थाना परिसर में आयोजित नीलामी प्रक्रिया में 23 वाहनों—जिनमें 21 दोपहिया और 2 चारपहिया शामिल थे—को मात्र 1 लाख 13 हजार रुपए में बेचे जाने के बाद पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह नीलामी खुली बोली के माध्यम से कराई गई थी, लेकिन इतनी कम कीमत पर वाहनों की बिक्री ने पूरी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में ला दिया है। अधिवक्ता बीके माला ने आरोप लगाया है कि नीलामी में आम जनता को पर्याप्त जानकारी नहीं दी जाती और “पेड लोगों” को बुलाकर प्रक्रिया को सीमित प्रतिस्पर्धा के साथ पूरा कर लिया जाता है।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इससे पहले सिविल लाइन थाना में 39 बाइक—जिनमें अपाचे, एक्टिवा और हीरो डीलक्स जैसे मॉडल शामिल थे—को मात्र 85 हजार रुपए में नीलाम किया गया था। यह मामला भी अब चर्चा में है और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है।
अधिवक्ता के अनुसार, नीलामी का बेस प्राइस भी बेहद कम निर्धारित किया जाता है, जिससे वाहनों की कीमत वास्तविक बाजार मूल्य से काफी नीचे तय हो जाती है और कुछ लोगों को अनुचित लाभ मिलता है।
वहीं पुलिस प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई गई है। बावजूद इसके, लगातार सामने आ रहे आरोपों ने इस मामले को और तूल दे दिया है। अब निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो रही है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर निगाहें टिकी हुई हैं।
Leave A Reviews