
सिंगरौली: सड़क सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सिंगरौली परिवहन विभाग ने बुधवार को स्कूल और यात्री बसों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली 10 बसों पर शिकंजा कसा गया और उनसे करीब 5 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से बस ऑपरेटरों और परिवहन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
परिवहन विभाग की टीम ने चेकिंग के दौरान बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस और प्रदूषण नियंत्रण कार्ड (PUC) की सूक्ष्मता से जांच की। जिन वाहनों के दस्तावेज अधूरे या एक्सपायर पाए गए, उनके मौके पर ही चालान काटे गए। इसके अलावा, यात्रियों की जान से सुरक्षा के लिए अनिवार्य उपकरणों जैसे फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) और इमरजेंसी एग्जिट गेट की कार्यक्षमता को भी परखा गया।
अभियान में विशेष रूप से स्कूल बसों की निगरानी की गई ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बच्चों को क्षमता से अधिक संख्या में न बिठाया जाए। इसी तरह, यात्री बसों में भी सीटों से अधिक सवारियां भरने पर भारी जुर्माना लगाया गया। प्रदूषण के मानक पूरे न करने वाली बसों के मालिकों को सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया, तो उनके वाहनों का परमिट निरस्त कर दिया जाएगा।
विभाग ने न केवल मशीनों बल्कि इंसानी चूक को रोकने के लिए ड्राइवरों के ड्राइविंग लाइसेंस और उनकी शारीरिक स्थिति की भी जांच की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अनियंत्रित गति और ड्राइवरों की लापरवाही सड़क हादसों का प्रमुख कारण होती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
"यह अभियान लगातार जारी रहेगा। हमारा उद्देश्य केवल राजस्व वसूली नहीं, बल्कि सड़क हादसों को शून्य पर लाना और बच्चों व आम यात्रियों के सफर को सुरक्षित बनाना है।" — परिवहन विभाग, सिंगरौली
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