
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र को व्यवस्थित और विनियमित करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने 'ऑनलाइन गेमिंग के प्रचार और विनियमन अधिनियम 2025' के तहत एक अधिसूचना जारी की है, जिसके माध्यम से 'ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया' (OGAI) के गठन की घोषणा की गई है। यह नई रेगुलेटरी संस्था 1 मई 2026 से आधिकारिक रूप से प्रभावी हो जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य गेमिंग क्षेत्र में पारदर्शिता लाना, उपयोगकर्ताओं के डेटा को सुरक्षित करना और अवैध सट्टेबाजी या हानिकारक गेमिंग गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।
ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) का नेतृत्व इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अतिरिक्त सचिव करेंगे, जो इस संस्था के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे। इस अथॉरिटी को एक अंतर-मंत्रालयी स्वरूप दिया गया है ताकि गेमिंग के हर पहलू पर पैनी नजर रखी जा सके। इसके सदस्यों में गृह मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, युवा मामले और खेल मंत्रालय तथा कानूनी मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव शामिल होंगे। यह अथॉरिटी आईटी मंत्रालय के अधीन एक डिजिटल ऑफिस के रूप में काम करेगी, जिससे सरकारी प्रक्रियाओं में तेजी और तकनीकी सुगमता सुनिश्चित होगी।
OGAI के पास ऑनलाइन गेम्स के पंजीकरण और उनके संचालन के मानकों को निर्धारित करने की व्यापक शक्तियां होंगी। देश में संचालित होने वाले सभी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को अब इस अथॉरिटी के साथ पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, अथॉरिटी के पास डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी करने और कंपनियों को कानूनी दिशा-निर्देश देने का अधिकार होगा। यह नियामक संस्था न केवल खेलों की प्रकृति की जांच करेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि गेमिंग के नाम पर युवाओं के बीच कोई गलत वित्तीय व्यवहार या मनोवैज्ञानिक लत को बढ़ावा न मिले। 1 मई से लागू होने वाला यह नया तंत्र भारत के डिजिटल इकोसिस्टम के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
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