दमोह,घंटाघर, तीन मंजिला बिल्डिंग का छज्जा गिरा, बड़ा हादसा टला
दमोह। घंटाघर शहर के मुख्य बाजार में स्थित एक तीन मंजिला इमारत का छज्जा अचानक गिर गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। गनीमत रही कि घटना के समय सड़क पर लोगों की आवाजाही कम थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, छज्जे का आधा हिस्सा अभी भी हवा में लटका हुआ है, जो आगे भी खतरा बना हुआ है।
पुलिस की तत्काल कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली टीआई मनीष कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे。 उन्होंने बिल्डिंग मालिक को बुलाया और छत पर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि छज्जे का आधा हिस्सा अभी भी खतरनाक रूप से हवा में लटका हुआ है, जो किसी भी समय गिर सकता है।
तत्काल प्रभाव से बैरिकेडिंग कर मार्ग को दूसरी तरफ से चालू कराया गया, ताकि आम लोगों को खतरे से बचाया जा सके। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कर दिया है और लोगों को दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
बिल्डिंग मालिक को सुधार के निर्देश
टीआई मनीष कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूम से उन्हें तीन मंजिला बिल्डिंग का छज्जा गिरने की सूचना मिली थी। उन्होंने कहा, "गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। यदि यह घटना दिन के समय होती, तो कई लोग घायल हो सकते थे, क्योंकि घंटाघर शहर का मुख्य बाजार है और यहां सुबह से रात तक हजारों लोगों की भीड़ रहती है।"
यह इमारत बीडी नामदेव की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बिल्डिंग काफी पुरानी होने के कारण छज्जे का एक बड़ा हिस्सा नीचे गिरा था। बीडी नामदेव के परिजनों को बुलाकर बिल्डिंग में जल्द सुधार कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दुकानदारों को भी चेतावनी
जिस बिल्डिंग में यह हादसा हुआ है, वहां कई दुकानें भी संचालित होती हैं। पुलिस ने दुकान संचालकों को भी एहतियात बरतने और जरूरी मरम्मत कराने को कहा है। टीआई मनीष कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि मालिक ने समय पर सुधार नहीं किया, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा हादसा टला
यह घटना एक बार फिर पुरानी इमारतों के खतरे को उजागर करती है। घंटाघर जैसे व्यस्त बाजार में इस तरह की घटना से बड़ी जनहानि हो सकती थी। पुलिस और नगर निगम की उदासीनता के चलते कई पुरानी इमारतें जानलेवा साबित हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन शहर की पुरानी इमारतों का सर्वेक्षण करे और खतरनाक इमारतों को तोड़ने या मरम्मत का आदेश दे।
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