
दमोह। जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। हटा थाना क्षेत्र में एक अविवाहित नाबालिग के मां बनने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर नाबालिग को जान से मारने की धमकी देकर पिछले दो वर्षों से शारीरिक शोषण करने का आरोप है।
अस्पताल में खुला राज यह पूरा मामला 9 मई को तब सामने आया, जब नाबालिग को प्रसव पीड़ा होने पर उसके परिजन उसे हटा के सिविल अस्पताल ले गए। वहां नाबालिग ने एक स्वस्थ नवजात को जन्म दिया। अविवाहित नाबालिग द्वारा बच्चे को जन्म दिए जाने की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचित किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महिला पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता के बयान दर्ज किए, जिसमें उसने अपनी आपबीती सुनाई।
दो साल से चल रहा था शोषण का सिलसिला पीड़िता ने पुलिस को बताया कि करीब दो साल पहले उसका चचेरा भाई उसे किसी काम के बहाने अपने घर ले गया था। वहां घर में अकेला पाकर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी लगातार उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देता रहा और इसी डर का फायदा उठाकर वह पिछले दो सालों से उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। इसी दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई, लेकिन लोक-लाज और डर के कारण उसने यह बात किसी को नहीं बताई थी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी हटा थाना प्रभारी सुधीर कुमार बेगी ने बताया कि पीड़िता के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। बुधवार को पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।
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