
दमोह. मध्य प्रदेश के दमोह जिले के मड़ियादो थाना क्षेत्र अंतर्गत पौड़ी गांव में शनिवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। करीब 8 दिन पहले अयोध्या जाकर प्रेम विवाह करने वाले नवदंपति ने ससुराल पक्ष की मानसिक प्रताड़ना और जान से मारने की धमकियों से तंग आकर घर में रखी जहरीली दवा पी ली। दोनों को गंभीर हालत में पहले हटा अस्पताल और फिर दमोह जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ितों की पहचान पौड़ी निवासी अनिल दुबे (25 वर्ष) और पन्ना जिले के अमानगंज निवासी स्नेहा उर्फ नेहा विश्वकर्मा के रूप में हुई है।
प्रेम प्रसंग: अनिल ने बताया कि रिश्तेदारी में आने-जाने के दौरान करीब दो साल पहले उसकी मुलाकात स्नेहा से हुई थी, जो बाद में प्रेम में बदल गई।
अयोध्या में विवाह: दोनों के परिवार वाले इस अंतरजातीय/प्रेम विवाह के खिलाफ थे। ऐसे में दोनों ने 24 जुलाई को अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम को साक्षी मानकर मंदिर में विवाह किया और फिर कानूनी तौर पर कोर्ट मैरिज की। शादी के बाद दोनों पौड़ी गांव आकर रहने लगे थे।
अस्पताल में भर्ती अनिल और स्नेहा ने पुलिस को दिए बयानों में लड़की के परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित पति का बयान: "शादी के बाद से ही स्नेहा के घरवाले इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे। वे लगातार लोगों को भेजकर मारपीट करवाते थे और जान से मारने की धमकियां देते थे। शनिवार रात भी कुछ गुंडे हमारे घर पहुंचे और परिजनों को मारने की धमकी दी। हमें लगा कि हमारे कारण हमारे माता-पिता को कोई नुकसान न पहुंचे, इसलिए डर और तनाव में आकर हम दोनों ने जहर पी लिया।"
पुलिस जांच और स्वास्थ्य अपडेट
घटना की सूचना मिलते ही मड़ियादो थाना पुलिस की टीम जिला अस्पताल पहुंची और नवदंपती के आधिकारिक बयान दर्ज किए। ड्यूटी डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर इलाज मिलने के कारण दोनों की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और वे खतरे से बाहर हैं।
पुलिस का कहना है कि लड़की के परिजनों के खिलाफ प्रताड़ना और धमकी देने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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