
इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) ने विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स को केवल क्लासरूम प्रेजेंटेशन तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक कारोबार में बदलने की एक अनूठी पहल शुरू की है। स्कूल ऑफ कॉमर्स द्वारा संचालित इस योजना के माध्यम से विश्वविद्यालय के 30 अलग-अलग शिक्षण विभागों के 13 हजार से अधिक विद्यार्थियों को एक साझा मंच प्रदान किया जा रहा है। इस पूरी कवायद का प्राथमिक उद्देश्य डीएवीवी स्टार्टअप बिजनेस आइडिया के जरिए युवाओं की उद्यमशीलता को तराशना और उन्हें व्यावहारिक उद्यमी बनाना है।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत विभिन्न विषयों से जुड़े 500 से अधिक बिजनेस मॉडल्स का संग्रह किया जाएगा। पहली स्क्रीनिंग के उपरांत विशेषज्ञों की टीम लगभग 150 सबसे प्रभावशाली विचारों को शॉर्टलिस्ट करेगी। चयनित विद्यार्थियों को पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जूरी के सामने अपने मॉडल की पिचिंग करने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञ आइडिया की नवीनता, बाजार का आकार, व्यावसायिक संभावनाएं और भविष्य के संसाधनों का सटीक आकलन करके उनका मूल्यांकन करेंगे।
इस पहल की प्रमुख खासियत यह है कि इसमें केवल कॉमर्स या मैनेजमेंट के छात्र ही नहीं, बल्कि विज्ञान, तकनीक और सामाजिक विज्ञान संकायों के युवा भी सम्मिलित होंगे। विद्यार्थी तीन से चार सदस्यों की बहुविषयक टीम बनाएंगे, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञता वाले छात्र मैनेजमेंट और कॉमर्स के छात्रों के साथ मिलकर मार्केटिंग व वित्तीय रणनीतियों पर काम करेंगे। एमबीए फाइनेंस, मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, बिजनेस एनालिटिक्स से लेकर बीकॉम और अन्य ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों के छात्र एक ही मंच पर अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन केवल अकादमिक स्तर पर नहीं, बल्कि एमएसएमई, उद्योग जगत और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञों की जूरी द्वारा किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉप-5 आइडिया को पुरस्कार व प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। इसके साथ ही व्यावसायिक रूप से मजबूत परियोजनाओं को इनक्यूबेशन सेंटर से जोड़कर सीड फंडिंग और तकनीकी मदद मुहैया कराई जाएगी, जिससे छात्र अपने आइडिया को सफल व्यावसायिक उद्यम का रूप दे सकें।
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