देहात। थाना क्षेत्र अंतर्गत नरसिंहगढ़ चौकी में मंगलवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब सुनार नदी के किनारे एक बुजुर्ग का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान 67 वर्षीय मदन कुर्मी के रूप में हुई है, जो पिछले एक सप्ताह से लापता थे। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल हो रहा था, लेकिन अंततः परिजनों ने कपड़ों के आधार पर शिनाख्त की।
एक हफ्ते से चल रही थी तलाश: बटियागढ़ थाना क्षेत्र के फुटेरा कलां निवासी मदन कुर्मी अपने गांव में एक किराने की दुकान पर काम करते थे। करीब 7 दिन पहले वे अचानक रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए। उनके बेटे उमेश ने उन्हें ढूंढने के लिए जमीन-आसमान एक कर दिया था। यहाँ तक कि उन्हें ढूंढते हुए परिजन इंदौर तक गए थे, क्योंकि उन्हें सूचना मिली थी कि मदन नौकरी की तलाश में वहां जा सकते हैं। जब कहीं सुराग नहीं मिला, तो पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
दिल दहला देने वाला मंजर: मंगलवार दोपहर स्थानीय लोगों ने सुनार नदी के किनारे एक लाश देखी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। नदी के पानी और जलीय जीवों (मछलियों व जानवरों) ने बुजुर्ग के चेहरे को बुरी तरह नुकसान पहुँचाया था। मौके पर पहुँचे चौकी प्रभारी अभिषेक पटेल और उनकी टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस के सामने कई सवाल: बुजुर्ग की मौत महज एक हादसा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश, पुलिस अब इसकी बारीकी से जांच कर रही है। मदन कुर्मी अपने गांव से इतनी दूर नदी किनारे कैसे पहुँचे? क्या वे खुद वहां गए थे या उनके साथ कोई अनहोनी हुई? पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे मौत के सटीक समय और कारण का खुलासा हो सके।
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