
मुरैना जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त की विशेष टीम ने तहसील कार्यालय में पदस्थ पटवारी प्रदीप शर्मा को किसान से 7,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। जानकारी के अनुसार, पीड़ित किसान मुरारीलाल कुशवाह ने अपनी कृषि भूमि के सीमांकन (नाप-जोख) के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि पटवारी प्रदीप शर्मा सीमांकन रिपोर्ट लगाने और प्रक्रिया पूरी करने के बदले किसान से 50,000 की रिश्वत की मांग कर रहा था। किसान द्वारा असमर्थता जताने पर पटवारी ₹40,000 में काम करने को तैयार हुआ था।
पीड़ित किसान ने पूर्व में पटवारी को पहली किस्त के रूप में 5,000 का अग्रिम भुगतान कर दिया था। इसके बावजूद पटवारी शेष रकम के लिए लगातार दबाव बना रहा था। परेशान होकर किसान मुरारीलाल कुशवाह ने ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त की टीम ने प्राथमिक जांच में किसान के आरोपों की पुष्टि की और मंगलवार को आरोपी को पकड़ने के लिए रणनीति बनाई। योजना के मुताबिक, किसान दूसरी किस्त के तौर पर 7,000 लेकर तहसील कार्यालय पहुंचा।
जैसे ही किसान ने पटवारी प्रदीप शर्मा को उसके कार्यालय कक्ष में 7,000 थमाए, पहले से सादे कपड़ों में मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने मौके पर छापा मार दिया। टीम ने पटवारी के पास से रिश्वत के रंग लगे नोट बरामद कर लिए और मौके पर ही उसके हाथ रासायनिक घोल में धुलवाए, जिससे घोल का रंग गुलाबी हो गया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी को तुरंत हिरासत में ले लिया और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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