
कटनी जिले में बुनियादी समस्याओं और विशेष रूप से गहराते जल संकट को लेकर सियासत गरमा गई है। कटनी नगर निगम मुख्यालय के मुख्य द्वार पर गुरुवार को कांग्रेस सेवा दल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यह उग्र प्रदर्शन शहर के फॉरेस्टर वार्ड क्रमांक 32 में लंबे समय से चली आ रही पेयजल की किल्लत के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अपना आक्रोश दर्ज कराने के लिए निगम के मुख्य गेट पर ही मटके फोड़े। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने नगर निगम आयुक्त को एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपकर व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त करने की चेतावनी दी।
प्रदर्शन में शामिल नेताओं और वार्ड वासियों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार संबंधित अधिकारियों और निगम प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया था। इसके बावजूद अधिकारियों की तरफ से शिकायतों पर कोई ठोस या संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। निगम प्रशासन की इसी उदासीनता और अनदेखी से तंग आकर आखिरकार कांग्रेस को आम जनता के हक के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी हाथों में मटके लेकर उन्हें बजाते हुए नगर निगम के खिलाफ अपना विरोध जता रहे थे।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सेवा दल के जिला अध्यक्ष मंगल सिंह ने निगम प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "जब जनता से हर महीने नियमित रूप से जल कर (वाटर टैक्स) वसूला जा रहा है, तो उन्हें पीने का पानी क्यों नहीं मिल रहा है? नगर निगम केवल कागजों पर पाइपलाइन बिछाकर अपनी पीठ थपथपाने में जुटा है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए प्यासे मर रहे हैं।" उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि यदि वार्ड में जल्द ही नियमित और सुचारू जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो आगामी दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप अख्तियार करेगा। इस ज्ञापन में कांग्रेस ने केवल पानी की समस्या ही नहीं, बल्कि शहर की बदहाल सड़कों और कछुआ गति से चल रहे सीवर लाइन के काम को भी प्रमुखता से उठाया।
इस दौरान कांग्रेस के शहर अध्यक्ष अमित शुक्ला और वरिष्ठ नेता शशांक गुप्ता गोलू ने शहर की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि सीवर लाइन डालने के नाम पर पूरे शहर में जो गड्ढे खोदे गए थे, उन्हें काम खत्म होने के बाद भी आज तक ठीक से भरा या समतल नहीं किया गया है। चूंकि अब मानसून का मौसम दस्तक दे चुका है, ऐसे में इन खुले और बेतरतीब गड्ढों में पानी भरने से कभी भी कोई गंभीर सड़क हादसा हो सकता है और किसी मासूम की जान जा सकती है। उन्होंने मांग की कि निगम को बिना समय गंवाए इसे तत्काल दुरुस्त करना चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों में स्पष्ट किया है कि वार्ड क्रमांक 32 में तुरंत नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो, नल-जल योजना की कमियों को दूर कर उसे चालू किया जाए और बरसात से पहले सीवर के गड्ढों को पूरी तरह समतल किया जाए। मांगें पूरी न होने पर होने वाले उग्र आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
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