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दूसरे के प्रकरण पर हुआ दूसरे की जमीन का नामांतरण रामनगर तहसील विभाग की कार्य प्रणाली पर बड़ा प्रश्न चिन्ह


रामनगर तहसील विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है। जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जमीनी हकीकत जाने बिना हवा-हवाई जानकारी के आधार पर राजस्व प्रकरणों का निपटारा किया जा रहा है, जिससे पटवारी और आरआई की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। अधिकारियों के इस निरंकुश रवैये का खामियाजा क्षेत्र की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। आरोप है कि राजस्व अमला अपनी शक्तियों और हस्ताक्षरों का गलत इस्तेमाल कर एक पक्ष को नाजायज लाभ पहुंचा रहा है।

ऐसा ही एक गंभीर मामला रामनगर निवासी आवेदक जयकरण गुप्ता ने उजागर किया है। उन्होंने तहसील कार्यालय रामनगर पर बड़ा आरोप लगाते हुए बताया कि न्यायालय में राजस्व प्रकरणों की अदला-बदली कर हेराफेरी की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामनगर निवासी रोशनलाल गुप्ता के पैतृक स्वामित्व की ज़मीन मौजा बम्हनाड़ी (आराजी क्रमांक 57/1/1, रकबा 0.128 हेक्टेयर) जो उनके स्वर्गीय पिता के नाम दर्ज थी, उसके वारिसाना नामांतरण के लिए वर्ष 2023-24 में तहसीलदार वृत्त बड़वार के कार्यालय में आवेदन किया गया था। इस पर न्यायालय द्वारा आदेश भी पारित किया गया।

लेकिन बड़ा खेल तब सामने आया जब हल्का पटवारी द्वारा कंप्यूटर खसरे के कॉलम नंबर 12 में एंट्री की गई। आवेदक ने जब नामांतरण नकल की प्रति निकाली, तो पता चला कि उक्त प्रकरण में रामपुर बघेलान तहसील के कल्ला निवासी विनय पटेल (पिता बद्री पटेल) के प्रकरण का उल्लेख दर्ज है, जिन्होंने धनवाही मौजा से ज़मीन खरीदी थी। यानी प्रकरण किसी और का, आराजी और हितग्राही कोई और! हद तो यह है कि असली आवेदक के आवेदन और आदेश की कॉपी का अब कोई अता-पता नहीं है और वारिसाना सूची से कुछ असली वारिसों के नाम भी गायब कर दिए गए हैं।

इस गड़बड़ी से परेशान पीड़ित अब 'ऑफिस-ऑफिस' भटकने को मजबूर है। जहां अधिकारी इसे पटवारी की गलती बता रहे हैं, वहीं पटवारी इसका ठीकरा रीडर (प्रवाचक) पर फोड़ रहा है। थक-हारकर पीड़ित ने जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामनगर तहसील के अंतर्गत नामांतरण और वारिसाना का यह खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। नियमों को ताक पर रखकर न तो सूचनाएं नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाती हैं और न ही समाचार पत्रों में इश्तहार प्रकाशित कराए जाते हैं। पटवारी, आरआई, प्रवाचक और दलाल मिलकर मनमाने ढंग से कोरम पूरा कर रहे हैं। इस संबंध में जब रामनगर तहसीलदार अनामिका सिंह से बात करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने मामले की जानकारी लेकर जल्द ही अपडेट देने की बात कही है।

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