
मैहर। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी रामनगर, देवरी कला से पुरैना तक 3.75 किलोमीटर लंबी सड़क की मरम्मत में बड़ा झोल सामने आया है। कागजों पर हर साल लाखों का मेंटेनेंस और मौके पर सूखी डस्ट-बालू।
ग्रामीणों ने सीधे आरोप लगाया है- विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से सरकारी पैसे का बंदरबांट हो रहा है मौके से ली गई तस्वीरें और बोर्ड ही पूरे घोटाले की कहानी कह रहे हैं।

मार्ग का नाम - देवरी कला से पुरैना
लंबाई - 3.75 KM
लागत - 62.34 लाख
ठेकेदार - मेसर्स महाकाल कंस्ट्रक्शन, सतना
रखरखाव अवधि - 30.09.2022 से 29.09.2027
5 साल की रखरखाव लागत - 31.01 लाख रुपये
नियम के मुताबिक ठेकेदार को साल में एक बार दरारें भरना, शोल्डर सुधार, पुल-पुलियों की सफाई और जरूरत पड़ने पर पैच रिपेयर करना अनिवार्य है।

1. डस्ट से मरम्मत का नाटक: सड़क में जहाँ गहरे गड्ढे और दरारें हैं, वहाँ गरम डामर की जगह सूखी सफेद डस्ट और बालू छिड़क कर छोड़ दिया गया है। फोटो में साफ दिख रहा है कि गिट्टी तक उखड़ी है और ऊपर से सिर्फ पाउडर डालकर खानापूर्ति की गई है।
2. चूने से चमकाया जा रहा भ्रष्टाचार: पुल-पुलियों की दीवारों पर सफेद चूना पोत दिया गया है, ताकि निरीक्षण में लगे कि काम हुआ है। लेकिन सड़क के बीच का हिस्सा जस का तस टूटा पड़ा है।
3. सड़क नहीं, खेत की मेड़: पूरी सड़क पर मगरमच्छ जैसी दरारें (Crocodile Cracks) पड़ गई हैं। कहीं-कहीं तो सड़क किनारे से पूरी तरह कट गई है। बाइक सवार और पैदल चलने वाले गिर कर घायल हो रहे हैं।

"साहब, साल में दो बार ठेकेदार आता है, दो मजदूर लाता है, बालू छिड़क कर फोटो खींच लेता है और चला जाता है। विभाग का कोई अधिकारी कभी देखने नहीं आता। 31 लाख रुपये सिर्फ कागजों पर खा रहे हैं।" - स्थानीय ग्रामीण
यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार का प्रथम दृष्टया मामला है। बिना डामर के, बिना रोलर के, सूखी मिट्टी से सड़क रिपेयर करना PMGSY के मैनुअल का खुला उल्लंघन है।

बिना विभागीय इंजीनियर की सहमति के ठेकेदार ऐसा घटिया काम नहीं कर सकता। बिल पास होते हैं, एमबी बुक भरी जाती है, और सब चंगा सी दिखा दिया जाता है।

कलेक्टर मैहर और महाप्रबंधक PMGSY, रीवा-सतना संभाग से मांग है कि इस 3.75 KM सड़क की थर्ड पार्टी जांच हो, डस्ट की जगह प्रॉपर BM और पैच वर्क कराया जाए और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर राशि वसूली की जाए।




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