
देवास जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र अंतर्गत रसूलपुर बाईपास स्थित गुलाब बाग कॉलोनी में मंगलवार रात एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया। रात करीब आठ बजे अपने घर के बाहर खेल रही मात्र 17 माह की मासूम बच्ची को एक अज्ञात एक्टिवा सवार युवक जबरन उठाकर अपने वाहन पर बैठाकर ले जाने लगा। हालांकि, परिजनों की सतर्कता और स्थानीय रहवासियों की बहादुरी से एक बड़ा अनहोनी हादसा टल गया। लोगों ने तुरंत पीछा कर बच्ची को सकुशल छुड़ा लिया और आरोपी को मौके पर ही पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
घटना के संदर्भ में बच्ची के दादा मोहम्मद शब्बीर ने बताया कि उनकी 17 माह की पोती (पिता मोहम्मद इखलास) रात के समय घर के ठीक बाहर मौजूद थी। इसी बीच एक अज्ञात युवक एक्टिवा स्कूटर पर सवार होकर वहां पहुंचा और उसने बच्ची को झपटकर अपनी गाड़ी पर बैठा लिया तथा भागने लगा। बच्ची को अज्ञात युवक के हाथ में जाते देख परिजनों ने बिना समय गंवाए जोर-जोर से चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया, जिससे पूरी कॉलोनी में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग तुरंत सक्रिय हो गए।
परिजनों की चीख-पुकार सुनते ही कॉलोनी के युवाओं और ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। लोगों ने भाग रहे एक्टिवा सवार का करीब सौ मीटर तक तेजी से पीछा किया और चारों तरफ से घेराबंदी कर उसे रोक लिया। स्थानीय लोगों ने मासूम बच्ची को तुरंत युवक के चंगुल से छुड़ाकर सुरक्षित परिजनों को सौंपा। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने युवक को पकड़कर औद्योगिक थाना पुलिस और डायल 112 को सूचना दी। आपातकालीन कॉल मिलते ही पुलिस पेट्रोलिंग टीम और औद्योगिक थाने का बल तत्काल मौके पर पहुंचा और आरोपी को अपनी सुरक्षा में लेकर हिरासत में ले लिया।
तलाशी के दौरान पकड़े गए युवक के पास से बच्चों के खाने-पीने का सामान बरामद हुआ है, जिसमें बिस्किट के पैकेट, खजूर, प्लास्टिक की चम्मच और एक सिरप की शीशी शामिल है। इन संदिग्ध वस्तुओं के मिलने से इलाके में तरह-तरह की आशंकाएं जताई जाने लगीं। इसके साथ ही पुलिस ने घटनास्थल से आरोपी द्वारा उपयोग की जा रही एक्टिवा स्कूटी (क्रमांक MP 04 UK 7419) को भी विधिवत जब्त कर लिया है।
सीएसपी देवास सुमित अग्रवाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई कर युवक को कस्टडी में ले लिया था। प्रारंभिक पूछताछ और बातचीत के दौरान युवक किसी भी सवाल का सुसंगत उत्तर नहीं दे पा रहा है और प्रथम दृष्टया वह मानसिक रूप से अस्वस्थ अथवा अविकसित प्रतीत हो रहा है।
पुलिस अब जब्त की गई स्कूटी के पंजीयन नंबर के आधार पर उसके वास्तविक मालिक, युवक के पते और उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि का ब्योरा जुटा रही है। पुलिस यह भी तस्दीक कर रही है कि युवक कहीं किसी संगठित गिरोह से तो नहीं जुड़ा है अथवा मानसिक विक्षिप्तता के चलते उसने ऐसा कदम उठाया। राहत की बात यह है कि मासूम बच्ची पूरी तरह सकुशल है और अपने माता-पिता के संरक्षण में है।
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