
रामनगर. सरकारी इंतजामों की पोल खोलती एक तस्वीर देवरी कलां-मसमासी मार्ग से सामने आई है. शासकीय सान्दीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर की बस डीजल खत्म होने से बीच रास्ते में दम तोड़ गई. बस में सवार दर्जनों बच्चे सड़क पर इधर-उधर भटकते नजर आए.
बस नंबर: MP41Z E1761
ठेकेदार: सिद्धि विनायक ट्रांसपोर्ट, देवास
फोटो में साफ दिख रहा लाइन हादसे का खतरा
तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पीली बस सुनसान रास्ते पर खड़ी है और रामनगर के छोटे-छोटे बच्चे सड़क पर पैदल चल रहे हैं. कुछ बच्चे पुलिया के किनारे खड़े हैं. ग्रामीण इलाका और तेज रफ्तार वाहनों के बीच बच्चों का ऐसे भटकना किसी बड़े लाइन हादसे को दावत दे रहा है.

रोज का तमाशा, बच्चे बने मोहरे
सूत्रों के अनुसार डीजल और मेंटेनेंस के अभाव में यह बस लगभग रोज ही किसी न किसी रूट पर खड़ी हो जाती है.
ठेकेदार सिद्धि विनायक ट्रांसपोर्ट, देवास की मनमानी चरम पर है. मॉनिटरिंग एजेंसी पूरी तरह निष्क्रिय है. न समय पर डीजल डलवाया जाता है, न बसों की जांच.
किसी अनहोनी की जिम्मेदारी कौन लेगा?
अभिभावक रोज डर के साए में रामनगर के बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं. ग्रामीणों का सवाल है - अगर कोई हादसा हो गया तो जिम्मेदार कौन होगा?

5 साल से कागजों में अटका है स्कूल का भविष्य
शासकीय सान्दीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामनगर के नव निर्माण के लिए सरकार को जमीन तलाशते 5 साल बीत गए, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ. पुरानी व्यवस्था के सहारे बच्चों को ढोया जा रहा है.
घटना की जानकारी व्यवस्थापकों को भेज दी गई है, लेकिन अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई.
प्रशासन से मांग
1. सिद्धि विनायक ट्रांसपोर्ट, देवास पर तत्काल कार्रवाई कर अनुबंध निरस्त हो
2. सभी स्कूल बसों में डीजल और GPS की दैनिक मॉनिटरिंग अनिवार्य हो
3. रामनगर विद्यालय के नए भवन का काम तुरंत शुरू किया जाय
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