
भोपाल. देश की पहली डिजिटल जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर प्रशिक्षण कार्यशाला में रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने बड़ा ऐलान किया. अब आम नागरिक पहली बार स्व-गणना (Self-Enumeration) विकल्प के जरिए अपने मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप से खुद जानकारी दर्ज कर सकेंगे.
मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने इस दौरान एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा कि जनगणना में 'मजरे-टोलों' का अलग कॉलम जोड़ा जाए. इससे प्रदेश के 1.27 लाख मजरे-टोलों में रहने वाली आदिवासी आबादी के लिए सटीक योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी.
दो चरणों में होगा महाभियान
जनगणना का कार्य दो मुख्य चरणों में पूरा किया जाएगा:
प्रथम चरण (1 से 30 मई): इसमें मकानों की सूची, स्थिति, सुविधाओं और परिसंपत्तियों का विवरण लिया जाएगा.
द्वितीय चरण (फरवरी 2027): इस चरण में व्यक्तियों की गणना होगी, जिसमें आयु, लिंग, धर्म, साक्षरता और जातिगत डेटा एकत्र किया जाएगा.
स्मार्ट सॉफ्टवेयर रोकेगा गलतियां
इस बार की जनगणना के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप तैयार किया गया है. मृत्युंजय कुमार नारायण ने बताया कि सॉफ्टवेयर में ऐसे 'इनबिल्ड एप्लीकेशन' हैं जो डेटा फीडिंग के दौरान होने वाली मानवीय गलतियों को तुरंत पकड़ लेंगे और सतर्क करेंगे.
तैयार रखिए इन 33 सवालों के जवाब
जनगणना के दौरान आपसे कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें मुख्य हैं:
घर की निर्माण सामग्री (दीवार, छत, फर्श).
पेयजल, शौचालय, स्नान सुविधा और रसोई ईंधन (LPG/PNG).
डिजिटल पहुंच (इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टफोन).
संपत्ति (साइकिल, कार, टीवी, रेडियो).
परिवार के मुखिया की जानकारी और जातिगत श्रेणी.
घर में खाया जाने वाला मुख्य अनाज.
Leave A Reviews