
सीधी जिले के कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार को एक गर्भवती महिला को समय पर एंबुलेंस और अस्पताल में स्टाफ न मिलने के कारण रास्ते में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। इस मामले में महिला के पति ने खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) से शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार मामला Baghwar Gram Panchayat का है। यहां रहने वाली सुमित्रा रजक, पति शिवराज रजक, गर्भावस्था के नौवें महीने में थीं। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे उन्हें अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा पर संपर्क कर मदद मांगी, लेकिन उनका आरोप है कि 30 से 40 मिनट तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची।
प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजनों ने एक निजी वाहन किराए पर लिया और कुसमी अस्पताल के लिए रवाना हुए। हालांकि रास्ते में ही महिला का दर्द इतना बढ़ गया कि उसे सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। इसके बाद परिजन प्रसूता और नवजात को लेकर कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे।
पीड़िता के पति शिवराज रजक का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर भी वहां कोई जिम्मेदार स्टाफ मौजूद नहीं था, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कुसमी क्षेत्र में न तो समय पर एंबुलेंस मिलती है और न ही अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ रहता है।
इस मामले में खंड चिकित्सा अधिकारी Dr. Vikat Singh ने बताया कि वे एक बैठक के सिलसिले में सीधी आए हुए हैं। उन्होंने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा Bhopal स्थित कंट्रोल रूम से संचालित होती है। अस्पताल में स्टाफ की उपस्थिति को लेकर उन्होंने कहा कि वापस लौटने के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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