
बैतूल. मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक टीम ने ग्राम डहरगांव स्थित भाजपा नेता जुबेर पटेल के फार्म हाउस पर दबिश दी। महाराष्ट्र के नागपुर से आई ED की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध रेत खनन (Sand Mining) के एक बड़े मामले से जुड़ी बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, करीब एक करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन के सुराग मिलने के बाद जांच एजेंसी ने इस गोपनीय ऑपरेशन को अंजाम दिया है।
CRP के साये में 12 घंटे से अधिक चली कार्रवाई ED की 12 सदस्यीय टीम शनिवार तड़के करीब 3 बजे ही फार्म हाउस पहुँच गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों को तैनात किया गया था और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई थी। जांच के दौरान फार्म हाउस में मौजूद सभी व्यक्तियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए और किसी भी बाहरी व्यक्ति को परिसर के पास रुकने की अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड्स की गहनता से पड़ताल की, जो देर शाम तक जारी रही।
नागपुर जांच से जुड़े हैं मामले के तार बैतूल एसपी वीरेन्द्र जैन ने पुष्टि की है कि यह रेड नागपुर के ED अधिकारियों द्वारा की गई है, जिसका नेतृत्व असिस्टेंट डायरेक्टर रैंक के अधिकारी कर रहे थे। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई नागपुर में चल रही एक व्यापक जांच का हिस्सा है, जिसमें एक करोड़ से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग और रेत खनन के अवैध कारोबार में संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं। इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी ने जिले के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है और जांच पूरी होने के बाद बड़े खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।
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