
भोपाल में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत इस बार उत्सव के रूप में देखने को मिली। ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत आयोजित राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव-2026 कार्यक्रम ने शिक्षा को जनआंदोलन का रूप दे दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मोहन यादव ने मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों पर पुष्पवर्षा की और साइकिल व किताबें वितरित कर माहौल को उत्सवमय बना दिया।
प्रदेशभर के स्कूलों में प्रवेशोत्सव को दीपावली जैसे माहौल में मनाया गया। हजारों बच्चों ने एक साथ स्कूलों में प्रवेश लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने बच्चों की प्रदर्शनी देखी और उनसे संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने दूरदराज के छात्रों को निःशुल्क साइकिलें और नवप्रवेशी विद्यार्थियों को किताबें वितरित कीं। उन्होंने कहा कि अब बच्चों को किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे शिक्षा का स्तर बेहतर हो रहा है।
सरकार के अनुसार, प्रदेश में ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई है और नामांकन में 19.6% की वृद्धि दर्ज की गई है। शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की प्रगति 32.4% तक पहुंची है, जो सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
उदय प्रताप सिंह ने कहा कि यह दिन शिक्षा विभाग के लिए त्योहार जैसा है। उन्होंने बताया कि एक करोड़ से अधिक बच्चों का नामांकन किया गया है और विभाग ड्रॉपआउट रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
वहीं, कुंवर विजय शाह ने कहा कि सरकार द्वारा मध्यान भोजन, मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, साइकिल, स्कूटी और लैपटॉप जैसी सुविधाएं देकर शिक्षा को मजबूत बनाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत 55 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, 1 लाख से अधिक छात्रों को लैपटॉप और 76 हजार शिक्षकों की नियुक्ति जैसे बड़े कदम उठाए गए हैं।
सरकार का दावा है कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा और बेहतर संसाधनों के चलते अब अधिक बच्चे सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
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