
इंदौर. मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे 'टेक-क्रिमिनल' को गिरफ्तार किया है, जिसने प्रतिशोध की आग में एक युवती का जीवन नर्क बना दिया था. पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर और डेटा एनालिस्ट आयुष अग्निहोत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर युवती के फर्जी न्यूड फोटो बनाए और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कर दिया.
प्रतिशोध की सनक: रिश्ता टूटने का लिया बदला
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आयुष की शादी पीड़िता की बहन से होने वाली थी. मैट्रिमोनियल साइट के जरिए दोनों परिवार मिले थे, लेकिन बाद में रिश्ता टूट गया. आरोपी को शक था कि रिश्ता टूटने के पीछे पीड़िता का हाथ है, जिसका बदला लेने के लिए उसने यह खतरनाक रास्ता चुना.
क्राइम पेट्रोल देखकर रची साजिश
आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने पुलिस से बचने के तरीके और फोटो भेजने की तरकीब 'क्राइम पेट्रोल' सीरियल देखकर सीखी थी:
सार्वजनिक बेइज्जती: उसने एआई से तैयार फोटो बस अड्डों, शौचालयों और कॉलोनियों में चिपकाए.
मानसिक प्रताड़ना: वह अलग-अलग पोस्ट ऑफिस से पीड़िता के परिजनों को आपत्तिजनक पत्र और फोटो डाक द्वारा भेजता था.
पहचान छुपाना: वह मास्क और टोपी लगाकर फोटो चस्पा करने जाता था ताकि सीसीटीवी में न पहचाना जा सके.
6 महीने की लुका-छिपी के बाद गिरफ्तारी
बाणगंगा थाने में जुलाई से दर्ज इस मामले में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल रहा था. क्राइम ब्रांच की टीम ने 20 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की और साइबर एक्सपर्ट्स की मदद ली. आरोपी के घर से वारदात में इस्तेमाल मास्क, टोपी और कपड़े बरामद होने के बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
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