
पटना. बिहार में एनडीए सरकार के गठन के बाद आज मंत्रिमंडल का भव्य विस्तार हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली कैबिनेट में कुल 31 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस समारोह की सबसे बड़ी सुर्खी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की राजनीति में आधिकारिक एंट्री रही, जिन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेकर सबको चौंका दिया।
राजभवन में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में देश के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अपनी उपस्थिति से सरकार को मजबूती का संदेश दिया। साथ ही सहयोगी दलों के नेता चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा भी इस पल के गवाह बने।
कैबिनेट विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा निशांत कुमार की हो रही है। जेडीयू नेता भगवान सिंह कुशवाहा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बड़े ही आत्मीय अंदाज में कहा, "हम उनके चाचा हैं और वे हमारे भतीजे हैं। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में अब काम करने में असली आनंद आएगा।"
कैबिनेट में सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। कुल 31 मंत्रियों में बीजेपी का पलड़ा थोड़ा भारी रहा:
बीजेपी (15 मंत्री): राम कृपाल यादव, केदार गुप्ता, नीतीश मिश्रा, मिथलेश तिवारी, रमा निषाद, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, प्रमोद चंद्रवंशी, लखेन्द्र पासवान, संजय टाइगर, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद, अरुण शंकर प्रसाद, श्रेयसी सिंह और इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र।
जेडीयू (13 मंत्री): निशांत कुमार, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार, जमा खान, भगवान सिंह कुशवाहा, शीला कुमारी, दामोदर राउत, बुलो मंडल और रत्नेश सदा।
सहयोगी दल: लोजपा (रामविलास) से संजय पासवान और संजय सिंह, 'हम' (HAM) से संतोष मांझी और रालोमो (RLM) से दीपक प्रकाश ने शपथ ली।
सरकार में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए विजय चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शपथ ग्रहण से पहले मुख्यमंत्री आवास पर संजय झा और ललन सिंह के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में इन नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई थी।
बिहार की यह नई कैबिनेट अब आगामी विधानसभा चुनावों और राज्य के विकास के रोडमैप पर ध्यान केंद्रित करेगी।
Leave A Reviews