मध्य प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच चुका है और अब हालात ऐसे हो गए हैं कि रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही।
रीवा में मंगलवार को अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री के आसपास रहा। दोपहर में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर सन्नाटा नजर आया। पिछले तीन दिनों से लगातार तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पूरे प्रदेश में तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है। भोपाल समेत 9 जिलों में पहली बार ‘वॉर्म नाइट’ अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि रात का तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री अधिक रह रहा है, जिससे रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही।
आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। अनुमान के मुताबिक 22 से 24 अप्रैल के बीच तापमान 42 डिग्री तक पहुंच सकता है और दिन के समय लू जैसे हालात बन सकते हैं।
भीषण गर्मी को देखते हुए मैहर जिले में प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने प्री-प्राइमरी से कक्षा 5वीं तक के सभी स्कूलों में 21 से 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया है। वहीं कक्षा 6वीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से 12:30 बजे तक संचालित होंगी।
इसी तरह रतलाम में भी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। अब सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेंगे।
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान खजुराहो में 43 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि ग्वालियर, दतिया, रतलाम, सीधी, रीवा जैसे शहरों में भी पारा 42 डिग्री के आसपास बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और फिलहाल राहत की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
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