
इंदौर. 'मिनी मुंबई' और देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। अब चोरों ने आस्था के केंद्रों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। शहर के एरोड्रम थाना क्षेत्र स्थित एक प्रसिद्ध जैन मंदिर में रविवार देर रात नकाबपोश बदमाशों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने मंदिर परिसर के भीतर पूरे 42 मिनट तक इत्मीनान से उत्पात मचाया और लाखों की कीमती विरासत लेकर चंपत हो गए।
सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ है कि यह कोई साधारण चोरी नहीं थी। नकाबपोश बदमाश मंदिर में बेहद सुनियोजित तरीके से दाखिल हुए।
इत्मीनान से तलाशी: फुटेज में दिख रहा है कि बदमाशों के मन में पुलिस का कोई खौफ नहीं था। उन्होंने पूरे 42 मिनट तक मंदिर के एक-एक कोने को खंगाला।
आस्था पर प्रहार: बदमाशों ने मंदिर के गर्भगृह से 9 अष्टधातु की बेशकीमती मूर्तियां और 28 कलश चोरी कर लिए।
कुल नुकसान: प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, चोरी गई मूर्तियों और सामान की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
इंदौर जैसे महानगर में, जहां स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहां 42 मिनट तक चली इस वारदात ने पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अलर्ट सिस्टम फेल: मंदिर में सीसीटीवी कैमरे तो लगे थे, लेकिन कोई सायरन या मोशन सेंसर अलर्ट सिस्टम नहीं होने के कारण बदमाशों को पर्याप्त समय मिल गया।
पुलिस गश्त पर सवाल: एरोड्रम जैसे व्यस्त इलाके में देर रात तक चलने वाली इस वारदात के दौरान इलाके में पुलिस की मौजूदगी कहीं नजर नहीं आई।
रेकी की आशंका: जिस सफाई से बदमाशों ने केवल कीमती और अष्टधातु की मूर्तियों को निशाना बनाया, उससे अंदेशा है कि उन्होंने पहले मंदिर की रेकी की थी।
धार्मिक स्थल पर हुई इस चोरी के बाद जैन समाज और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। सूचना मिलते ही एरोड्रम थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुलिए का मिलान किया जा रहा है और संदिग्धों की तलाश में टीमें रवाना कर दी गई हैं।
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