
मुरैना जिले में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बागचीनी थाना क्षेत्र के एक गांव में खेतों के बीच बनी झोपड़ी में गर्भवती महिला का लिंग परीक्षण किया जा रहा था, जिसका खुलासा एक स्थानीय युवक की सूझबूझ से हुआ।
जानकारी के अनुसार, सांटा गांव निवासी विकास शर्मा (26) को हडबांसी गांव के खेतों में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। उसने देखा कि एक कार से गर्भवती महिला को झोपड़ी में ले जाया गया। शक होने पर विकास ने चुपके से वीडियो बनाया, जिसमें कुछ लोग महिला का भ्रूण लिंग परीक्षण करते नजर आए।
वीडियो बनाते समय आरोपियों को इसकी भनक लग गई, जिसके बाद विकास को अपनी जान का खतरा महसूस हुआ और वह वहां से भाग निकला। इसी दौरान आरोपी मौके से फरार होने लगे, लेकिन विकास ने हिम्मत दिखाते हुए एक आरोपी को पकड़ लिया।
पकड़े गए आरोपी की पहचान राकेश प्रजापति (44) निवासी रिठौरा, सरायछौला के रूप में हुई है। वह कार (MP 06 ZJ 5244) से भागने की कोशिश कर रहा था। राकेश ने पूछताछ में खुद को ड्राइवर बताया और मुख्य आरोपियों के नाम संजीव उर्फ संजू शर्मा (निवासी गोपालपुरा) और छोटू उर्फ विक्रम शर्मा (निवासी जौरा रोड) बताए।
बताया जा रहा है कि संजीव और विक्रम पहले भी भ्रूण लिंग परीक्षण के मामलों में पकड़े जा चुके हैं और उनके खिलाफ सिविल लाइन थाने में पहले से मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
यह घटना एक बार फिर क्षेत्र में बढ़ते अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण और लिंग आधारित भेदभाव की गंभीर समस्या को उजागर करती है।
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