
सतना जिले में आम उपभोक्ताओं की सेहत और खाद्य सुरक्षा मानकों से गंभीर खिलवाड़ का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। शुक्रवार शाम खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने चाणक्यपुरी कॉलोनी स्थित 'कृष्णा मार्ट' पर अचानक दबिश देकर बिना किसी वैध लाइसेंस के धड़ल्ले से संचालित हो रही खाद्य तेल री-पैकिंग इकाई का भंडाफोड़ किया है। औचक निरीक्षण और जांच के दौरान परिसर के भीतर भारी मात्रा में एक्सपायरी (अवधि समाप्त) सामग्री और बिना लेबल वाले संदिग्ध उत्पाद पाए गए, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे प्रतिष्ठान को सील कर दिया है।
यह बड़ी कार्रवाई सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के कड़े और स्पष्ट निर्देशों के बाद अमल में लाई गई। कलेक्टर के आदेश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभिषेक बिहारी गौड़, शीतल सिंह और अशोक कुर्मी की तीन सदस्यीय संयुक्त टीम ने चाणक्यपुरी स्थित कृष्णा मार्ट में औचक छापा मारा। टीम की शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया कि यह बड़ा खाद्य व्यवसाय बिना किसी शासकीय और वैध लाइसेंस के अवैध रूप से चलाया जा रहा था। इसके अलावा, मार्ट परिसर के भीतर बेहद अस्वच्छ, बदबूदार और दूषित परिस्थितियों में खाद्य तेल की री-पैकिंग का काम किया जा रहा था, जो कि खाद्य सुरक्षा मानकों का सीधा और खुला उल्लंघन है।
जांच टीम को मौके से री-पैक किए गए खाद्य तेल के जो पैकेट और कंटेनर मिले, उन पर खाद्य नियमों के तहत जरूरी कोई भी अनिवार्य वैधानिक जानकारी दर्ज नहीं थी। इन पैकेटों पर न तो उत्पाद का नाम था, न बैच नंबर, और न ही मैन्युफैक्चरिंग (पैकिंग) व एक्सपायरी डेट का उल्लेख किया गया था। बिना लेबल और बिना तारीखों वाले ये उत्पाद बाजार में खपाए जा रहे थे, जो सीधे तौर पर इंसानी स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा हैं। इसके अतिरिक्त, जब अधिकारियों ने मार्ट के मुख्य स्टोर रूम की बारीकी से तलाशी ली, तो वहां भारी मात्रा में ऐसे डिब्बाबंद खाद्य उत्पाद डंप मिले जिनकी एक्सपायरी डेट काफी पहले ही निकल चुकी थी। टीम ने इस पूरी अवधि समाप्त सामग्री को मौके पर ही जब्त कर अपनी कस्टडी में ले लिया।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद संदिग्ध खाद्य तेल और स्टोर रूम में मिले अन्य संदेहास्पद पदार्थों के कई कानूनी नमूने (सैंपल्स) एकत्र किए हैं। इन सभी नमूनों को सील बंद कर विस्तृत रासायनिक परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला (स्टेट फूड लैब) भेजा जा रहा है। विभाग ने सख्त लहजे में साफ किया है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही संबंधित प्रतिष्ठान के संचालक और जिम्मेदारों के खिलाफ 'खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006' (FSSAI Act) की गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक व वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभिषेक बिहारी गौड़ ने आम जनता और नागरिकों से भी एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने आग्रह किया है कि बाजार या किसी भी मॉल-मार्ट से खाद्य सामग्री खरीदते समय उपभोक्ता उसकी पैकेजिंग, निर्माण तिथि (Manufacturing Date), एक्सपायरी डेट और FSSAI लेबल संबंधी जानकारियों को अनिवार्य रूप से खुद चेक करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिले में मिलावटखोरों और अवैध रूप से खाद्य व्यापार करने वालों के खिलाफ यह प्रशासनिक अभियान आने वाले दिनों में और भी तेजी से जारी रहेगा।
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