
जबलपुर. महाकौशल क्षेत्र के केंद्र जबलपुर से स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आई है। शहर में 5 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से तैयार की गई अत्याधुनिक फूड टेस्टिंग लैब (Food Testing Lab) का 4 साल लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की इस प्रयोगशाला को शुरू करने के लिए राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (NABL) की टीम अगस्त के दूसरे सप्ताह में (लगभग 8 या 9 अगस्त) जबलपुर पहुंचकर अंतिम निरीक्षण करेगी।
इस निरीक्षण के सफल होते ही लैब को राष्ट्रीय मानकों के तहत मान्यता मिल जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर ही खाद्य पदार्थों की पुख्ता और सटीक जांच का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।
वर्तमान में जबलपुर और पूरे महाकौशल क्षेत्र से लिए जाने वाले खाद्य पदार्थों के सैंपलों (नमूनों) को जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला में भेजा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में:
नमूनों को भेजने और रिपोर्ट आने में काफी समय बर्बाद होता है।
मिलावटखोरों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई करने में देरी होती है।
महाकौशल को बड़ी राहत: जबलपुर में इस हाई-टेक लैब के शुरू होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि जांच की प्रक्रिया भी बेहद तेज हो जाएगी। विभाग अब संदिग्ध मामलों में कुछ ही दिनों के भीतर रिपोर्ट हासिल कर तुरंत कड़े कदम उठा सकेगा।
विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, प्रयोगशाला में मशीनों के कैलिब्रेशन (Calibration) और जरूरी दस्तावेजों को दुरुस्त करने का काम आखिरी चरण में है। अगस्त में होने वाले इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान एनएबीएल के विशेषज्ञ यह बारीकी से जांचेंगे कि प्रयोगशाला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरती है या नहीं। इस दौरान विभाग के सभी आला अधिकारी और तकनीकी स्टाफ मौके पर मौजूद रहेगा ताकि औपचारिकताएं बिना किसी बाधा के पूरी हो सकें।
आधुनिक मशीनों से लैस इस प्रयोगशाला के क्रियाशील होने से आम जनता को बाजार में मिलने वाले खाद्य उत्पादों की शुद्धता का मजबूत भरोसा मिलेगा। दूध, तेल, मसालों से लेकर हर छोटे-बड़े खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता की सटीक जांच अब स्थानीय स्तर पर अत्याधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों से की जाएगी। 4 साल के लंबे इंतजार के बाद विभाग इस मील के पत्थर को हासिल करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद और तैयार है।
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