
नई दिल्ली. विदेश मंत्री एस. जयशंकर गुरुवार (9 अप्रैल 2026) से मॉरीशस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा 9 से 12 अप्रैल तक चलेगी, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की उपस्थिति को मजबूत करना और खाड़ी देशों के साथ रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। जयशंकर की इस यात्रा को भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'विजन सागर' नीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यात्रा के पहले चरण में विदेश मंत्री मॉरीशस पहुंचेंगे, जहाँ वे 10 से 12 अप्रैल तक आयोजित होने वाले 9वें हिंद महासागर सम्मेलन (IOC) में भाग लेंगे। इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय 'हिंद महासागर शासन के लिए सामूहिक प्रबंधन' रखा गया है। डॉ. जयशंकर यहाँ मुख्य भाषण देंगे और समुद्री सुरक्षा, आर्थिक विकास तथा पर्यावरणीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर वैश्विक नेताओं के साथ चर्चा करेंगे। इसके अलावा, वे मॉरीशस के शीर्ष नेतृत्व से मिलकर द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा भी करेंगे।
11 अप्रैल से अपनी यात्रा के दूसरे चरण में विदेश मंत्री संयुक्त अरब अमीरात पहुंचेंगे। दो दिवसीय यूएई प्रवास के दौरान वे वहां के नेतृत्व से मुलाकात कर व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर चर्चा करेंगे। विशेष रूप से, अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते के बाद यह दौरा और भी अहम हो गया है। भारत ने इस युद्धविराम का स्वागत करते हुए पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद जताई है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी क्रिटिकल है।
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