
कोलकाता. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार, 8 अप्रैल 2026 को कोलकाता की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनी मर्लिन प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (Merlin Group) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने कंपनी के प्रमोटरों और उनसे जुड़े कुल सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई से शहर के रियल एस्टेट जगत में हड़कंप मच गया है। यह छापेमारी प्रमोटरों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन हड़पने और निवेशकों के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपों के बाद की गई है।
जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी के प्रमोटर सुशील मोहता और साकेत मोहता ईडी की रडार पर हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने नकली कागजात तैयार कर जमीनों के मालिकाना हक की एक "फर्जी चैन" बनाई और अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा किया। चौंकाने वाली बात यह है कि जांच में इन प्रोजेक्ट्स के लिए सरकारी जमीन के भी अवैध इस्तेमाल के संकेत मिले हैं। ईडी को शक है कि आरोपियों ने इन विवादित जमीनों पर बड़े-बड़े व्यावसायिक और आवासीय प्रोजेक्ट शुरू किए और खुद को असली मालिक बताकर आम जनता से भारी निवेश कराया।
ईडी का कहना है कि आरोपियों ने निवेशकों को लुभाने के लिए खुद को वैध मालिक के रूप में पेश किया और बड़े रिटर्न का लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूली। अब जांच एजेंसी इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के एंगल से पैसों के लेन-देन की कड़ियां जोड़ रही है। फिलहाल सभी ठिकानों पर दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है और बैंक खातों के विवरण खंगाले जा रहे हैं।
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