
जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन के बीच चलने वाली ट्रेनों में जीआरपी जवानों की दबंगई और यात्रियों से वसूली के मामले सामने आ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि झांसी से ट्रेन में सवार होने वाले जीआरपी कर्मी टिकट जांच और सुरक्षा के नाम पर यात्रियों को परेशान कर रहे हैं, जिससे सफर असुरक्षित और तनावपूर्ण हो गया है।
यात्रियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल जनरल और स्लीपर कोच तक सीमित नहीं है, बल्कि एसी कोचों में भी जीआरपी जवान रात के समय पर्दे हटाकर जांच कर रहे हैं, जबकि रेलवे नियमावली स्पष्ट रूप से कहती है कि रात में यात्रियों को डिस्टर्ब नहीं किया जा सकता।
गोंडवाना एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों ने बताया कि हाल ही में एक जज के परिवार से अकारण पूछताछ की गई। रात में उनके कूपे के पर्दे हटाकर सवाल-जवाब किए गए। विरोध जताने पर जीआरपी स्टाफ वहां से चला गया। इसी तरह कुछ यात्रियों का आरोप है कि जवान उन्हें बिना कारण पूरी ट्रेन में घुमाते रहे और फिर ‘सेटिंग’ कर मामला रफा-दफा किया।
एक यात्री, जाकिर हुसैन ने बताया कि वे वेटिंग टिकट पर सफर कर रहे थे और टॉयलेट के पास बैठे थे, तभी जीआरपी जवानों ने उनसे दो सौ रुपए वसूल लिए। श्रीधाम एक्सप्रेस और गोंडवाना के यात्रियों ने भी समान शिकायतें की हैं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि झांसी मंडल के अंतर्गत आने वाले इस रूट की घटनाओं की जानकारी एकत्र की जा रही है और यदि यात्रियों से वसूली या दुर्व्यवहार की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों को शिकायत के लिए 197 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने की सलाह दी गई है।
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