
मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना में नशे के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इंजेक्शनों की अवैध बिक्री का बड़ा मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने ग्राहक बनकर कार्रवाई करते हुए एक मकान से 2856 इंजेक्शन जब्त किए हैं। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को पकड़ा है। जब्त इंजेक्शनों की बाजार कीमत करीब 4.50 लाख रुपये बताई गई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने आगरा से इंजेक्शनों की सप्लाई मिलने की जानकारी दी है।
पिछले करीब 15 दिनों में ऐसे दो वीडियो सामने आए थे, जिनमें मेडिकल स्टोर से कथित तौर पर अवैध तरीके से टर्मिन इंजेक्शन बेचे जा रहे थे। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग दो मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई भी कर चुका है। इसी बीच शनिवार शाम पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना को मुखबिर से सूचना मिली कि पुरानी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के एक किराए के मकान से नशे के इंजेक्शन बेचे जा रहे हैं और वहां बड़ी खेप रखी हुई है।
सूचना की पुष्टि के लिए एसपी ने पुलिसकर्मियों को ग्राहक बनाकर भेजने की योजना बनाई। कोतवाली टीआई अमित भदौरिया के निर्देश पर एसआई अरुण कुशवाह और एसआई पवन भदौरिया सादे कपड़ों में पुरानी हाउसिंग बोर्ड स्थित मकान पहुंचे। यह मकान ईशान वर्मा ने किराए पर ले रखा था।
पुलिस के मुताबिक, मकान में मौजूद ईशान ने दोनों पुलिसकर्मियों को इंजेक्शन दे दिए। इसके बाद टीम ने मकान पर दबिश दी और तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में इंजेक्शन बरामद किए। पुलिस को अंदर के कमरे में 106 पैकेट, तीन कार्टन और एक बोरे में कुल 2856 इंजेक्शन मिले। इनमें टर्मिन और उससे मिलते-जुलते इंजेक्शन शामिल हैं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ईशान वर्मा (30), निवासी विक्रम नगर, मयंक गुप्ता (35), निवासी राठौर कॉलोनी स्थित बालाजी पैलेस के पास और अनिल उर्फ बाबी गुप्ता (51), निवासी फाटक बाहर बालाजी अपार्टमेंट को पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी इंजेक्शनों की अवैध बिक्री के कारोबार में शामिल थे। उनके पास मेडिकल स्टोर चलाने या दवाओं के भंडारण से संबंधित कोई लाइसेंस नहीं मिला। कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 18(सी) और 27(बी)(ii) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जब्त इंजेक्शनों में शामिल हैं:
मेफिन टर्माइन सल्फेट इंजेक्शन के 106 पैकेट, जिनमें 1060 इंजेक्शन थे।
टर्मिन कंपनी के 47 पैकेट, जिनमें 470 इंजेक्शन मिले।
टर्मिन कंपनी के प्लास्टिक बोरे से 336 इंजेक्शन बरामद हुए।
मैको कंपनी के 330 इंजेक्शन मिले।
मेप्रो कंपनी के 560 इंजेक्शन जब्त किए गए।
कुल मिलाकर पुलिस ने 2856 इंजेक्शन जब्त किए हैं। इनकी कीमत करीब 4.50 लाख रुपये आंकी गई है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इंजेक्शनों की खेप उन्हें आगरा से मिलती थी। पुलिस के मुताबिक, आगरा के रामबाग क्षेत्र में रहने वाला हामिद खान उनसे पैसे लेकर मांग के अनुसार इंजेक्शन भेजता था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस अब कथित सप्लायर की तलाश कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
टर्मिन नाम से बताए जा रहे इंजेक्शन का इस्तेमाल चिकित्सकीय परिस्थितियों में किया जाता है। गंभीर रूप से रक्तचाप कम होने पर डॉक्टर इसका उपयोग कर सकते हैं। ऑपरेशन के दौरान मरीज का ब्लड प्रेशर अचानक गिरने की स्थिति में भी ऐसी दवाओं की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन मुरैना में इन इंजेक्शनों की अवैध बिक्री नशे के लिए किए जाने की बात सामने आई है।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, करीब दो महीने पहले पोरसा में एक युवक ने कथित तौर पर इस इंजेक्शन की लत के चलते खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। वहीं, 60 हजार रुपये के इनामी फरार डकैत कल्ली गुर्जर के भी इस इंजेक्शन का आदी होने की बात कही जा रही है।
बताया जाता है कि मुरैना के अलावा अंबाह, पोरसा, कैलारस और जौरा जैसे क्षेत्रों में भी नशे के लिए इन इंजेक्शनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब सप्लाई नेटवर्क और अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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