
हैदराबाद. 'पुष्पा' के नाम से दुनिया भर में मशहूर हुए अल्लू अर्जुन का आज जन्मदिन है. उनका जन्म 8 अप्रैल 1982 को चेन्नई के एक प्रतिष्ठित फिल्मी परिवार में हुआ. उनके दादा अल्लू रामलिंगैया ने 1000 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था और पिता अल्लू अरविंद तेलुगु सिनेमा के सबसे बड़े प्रोड्यूसर्स में से एक हैं. लेकिन, इतने बड़े बैकग्राउंड के बावजूद अल्लू अर्जुन का रास्ता आसान नहीं था.
NASA का सपना और 3 साल की उम्र में डेब्यू
बहुत कम लोग जानते हैं कि अल्लू अर्जुन बचपन में कभी एक्टर नहीं बनना चाहते थे. उनका सपना NASA (अमेरिकी स्पेस एजेंसी) में काम करने का था. उन्होंने मार्शल आर्ट्स और एनिमेशन में भी काफी समय बिताया. हालांकि, अभिनय उनके खून में था. वे महज 3 साल की उम्र में 1985 की फिल्म 'विजेता' में बाल कलाकार के रूप में नजर आए थे.
'गंगोत्री' से 'आर्या' तक का संघर्ष
साल 2003 में उनके पिता ने उन्हें फिल्म 'गंगोत्री' से बतौर हीरो लॉन्च किया. फिल्म सुपरहिट रही, लेकिन अल्लू को तारीफ के बजाय आलोचना मिली. लोगों ने उनके सांवले रंग और लुक को लेकर उन्हें 'नॉन-एक्टर' तक कह दिया. कई बड़े डायरेक्टर्स ने उन्हें काम देने से मना कर दिया था.
तभी डायरेक्टर सुकुमार एक नई फिल्म 'आर्या' बना रहे थे. जब कोई बड़ा स्टार उसे करने को तैयार नहीं था, तब अल्लू अर्जुन ने वह रोल किया. 'आर्या' ने उन्हें रातों-रात यूथ आइकॉन बना दिया और यहीं से उनके 'स्टाइलिश स्टार' बनने का सफर शुरू हुआ.
पुष्पा ने बनाया ग्लोबल सुपरस्टार
सुकुमार और अल्लू अर्जुन की जोड़ी ने आगे चलकर 'आर्या-2' और फिर 'पुष्पा: द राइज' जैसी ब्लॉकबस्टर दी. 'पुष्पा' ने न केवल उन्हें पैन इंडिया स्टार बनाया, बल्कि उन्हें तेलुगु सिनेमा का पहला 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेता' का नेशनल अवॉर्ड भी दिलाया.
जन्मदिन पर खास तोहफा
आज उनके 44वें जन्मदिन के मौके पर उनकी अगली बड़ी फिल्म 'AA22' (एटली के साथ) का टाइटल और फर्स्ट लुक भी रिवील होने वाला है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर सुबह से ही ट्रेंड्स चल रहे हैं.
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