
सिंगरौली जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत तियरा गांव के समीप शुक्रवार रात एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। तेज रफ्तार और लापरवाही का शिकार होकर एक 22 वर्षीय बाइक सवार युवक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका साथी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। घटना बाइक और एक भारी-भरकम हाइवा वाहन के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत के कारण हुई। इस हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, परसदेही निवासी 22 वर्षीय मनोज शाह और उसका साथी 23 वर्षीय परविंद्र कुमार शाह वेदान क्षेत्र से अपना काम निपटाकर बाइक क्रमांक एमपी 66 एमएफ 5777 पर सवार होकर अपने घर लौट रहे थे। दोनों जैसे ही तियरा गांव के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार हाइवा वाहन क्रमांक यूपी 64 बीटी 2502 ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे।
इस दर्दनाक हादसे में मनोज शाह को सिर और छाती में अत्यंत गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, बाइक पर पीछे बैठे परविंद्र शाह के सिर, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर फ्रैक्चर आए हैं। घटना की सूचना मिलते ही राहगीरों ने तुरंत 'डायल-112' और कोतवाली पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने एम्बुलेंस की मदद से लहूलुहान हालत में तड़प रहे परविंद्र को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका गहन उपचार जारी है। चिकित्सकों के मुताबिक, अत्यधिक खून बह जाने के कारण युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
जैसे ही इस दुखद घटना की खबर मृतक के गांव पहुंची, परसदेही में मातम पसर गया। रोते-बिलखते परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान अस्पताल में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जहां उमड़ी भीड़ ने क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और भारी वाहनों की मनमानी को लेकर गहरी चिंता व नाराजगी जताई। हालांकि, मौके पर मुस्तैद पुलिस अधिकारियों ने सूझबूझ से काम लेते हुए आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों को समझाइश दी और स्थिति को पूरी तरह शांत कराया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शनिवार सुबह मनोज के शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।
इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर सिंगरौली जिले की सड़कों पर दौड़ने वाले मौत के सौदागर बन चुके भारी वाहनों की रफ्तार पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि कोयला और अन्य सामग्रियों के परिवहन में लगे हाइवा व डंपर चालक यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बेहद लापरवाही से गाड़ियां दौड़ाते हैं, जिससे आए दिन बेकसूर लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि तियरा और वेदान रोड जैसे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में भारी वाहनों की गति सीमा तय की जाए और नो-एंट्री के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। फिलहाल पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त हाइवा को जब्त कर फरार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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