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उमरिया में ग्रामीणों ने सड़क, पुलिया, शुद्ध पेयजल की मांग को लेकर जन आक्रोश यात्रा निकाली


उमरिया जिले से जनता के संघर्ष की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के कौड़िया गांव और उसके आसपास के दर्जनों इलाकों के सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क, पुलिया, शुद्ध पेयजल और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर एक विशाल उमरिया में जन आक्रोश यात्रा निकाली। क्षेत्र में विकास न होने से नाराज ग्रामीण इस भीषण और तपती धूप में करीब 30 किलोमीटर का लंबा सफर पैदल मार्च करते हुए तय किया। इसके बाद सभी ग्रामीण जिला मुख्यालय स्थित उमरिया कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और स्थानीय प्रशासन को अपनी जायज मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

पैदल मार्च के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना था कि देश की आजादी के इतने दशक बीत जाने के बाद भी उनके इलाके के कई गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं होता। कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले आंदोलनकारी ग्रामीणों ने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।

ये हैं ग्रामीणों की प्रमुख और बुनियादी मांगें

उमरिया में जन आक्रोश यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के सामने अपनी 4 सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी हैं:

  1. सड़क निर्माण: कौड़िया से कुदारी पहुंच मार्ग, कौड़िया से सेमराहार मार्ग, और घोघरी, करुआझर व अतरिया गांवों में पक्की नई सड़कों का निर्माण तत्काल कराया जाए।

  2. मछडार नदी पर पुल: चंदिया-कौड़िया मार्ग पर पड़ने वाली मछडार नदी पर एक बड़े ऊंचे पुल का निर्माण किया जाए, ताकि बारिश के दिनों में बाढ़ आने पर मार्ग बंद न हो।

  3. पेयजल की समस्या: शासन की 'नल-जल योजना' के तहत गांवों में ठप पड़ी पाइपलाइन को ठीक कर नियमित रूप से पीने के पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए।

  4. लंबित पेंशन: बुजुर्गों, विधवाओं और पात्र हितग्राहियों की लंबे समय से रुकी हुई सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि तुरंत उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाए।

एसडीएम ने दिया आश्वासन, ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

कलेक्ट्रेट परिसर में भारी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासनिक अमला मुस्तैद रहा। कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों से मिलकर एसडीएम अंबिकेश सिंह ने उनकी सभी समस्याओं और मांगों को बेहद गंभीरता से सुना और उनसे ज्ञापन लिया। ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए एसडीएम ने कहा कि वे इस संबंध में तुरंत सभी संबंधित तकनीकी विभागों (जैसे पीडब्ल्यूडी, पीएचई और जनपद) के अधिकारियों से बात करेंगे और इन ग्रामीण समस्याओं का जल्द से जल्द जमीनी निराकरण (समाधान) कराएंगे।

दूसरी तरफ, इस पूरी यात्रा के संयोजक विक्रम सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि, "यह यात्रा किसी राजनीतिक दल, विशेष जाति या वर्ग की नहीं है। यह उन आम गरीब ग्रामीणों की बुलंद आवाज है जो सालों से बुनियादी सुविधाओं के बिना नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। जब ग्रामीण इस भीषण धूप में 30 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी बात रखने आए हैं, तो प्रशासन को उनकी तकलीफ और समस्याओं की गंभीरता को समझना होगा।" ग्रामीणों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी इन जायज मांगों पर जल्द ही कोई ठोस और लिखित कदम नहीं उठाए, तो वे आगे चक्काजाम और इससे भी बड़ा उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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