इंदौर। राजेंद्र नगर थाने के दो आरक्षकों को शुक्रवार देर रात एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे में दोनों उछलकर दूर जा गिरे, जिसमें एक आरक्षक की हालत गंभीर बनी हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि कार चलाने वाला खुद पुलिसकर्मी था और नशे में धुत मिला।
कहां और कैसे हुआ हादसा?
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार देर रात बीट बिजलपुर में आरक्षक प्रमोद त्यागी और भूरालाल जामले ड्यूटी पर तैनात थे। उनकी ड्यूटी रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक थी। बाइक से गश्त के दौरान दोनों दुर्गानगर एबी रोड के पास खड़े थे, तभी एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
घायलों की हालत
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों आरक्षक उछलकर दूर जा गिरे:
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भूरालाल जामले: पेट, सिर और पैरों में गंभीर चोटें, हालत गंभीर
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प्रमोद त्यागी: पैरों में चोट, स्थिर हालत
दोनों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि भूरालाल की हालत अभी भी नाजुक है।
लोगों ने की मदद, पुलिसकर्मी बचे
घटना के बाद आसपास के लोग तुरंत जमा हो गए। उन्होंने घायल आरक्षकों को बाहर निकाला और तुरंत पुलिस को सूचना दी। लोगों की मदद से दोनों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उनकी जान बच सकी। पुलिस ने लोगों के सहयोग की सराहना की है।
चालक पुलिसकर्मी निकला, नशे में था
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। कार स्विफ्ट को डीआरपी लाइन में पदस्थ पुलिसकर्मी विजय चौहान चला रहा था। प्रारंभिक जांच में पता चला कि वह नशे में धुत था। हादसे के बाद भी उसने भागने की कोशिश नहीं की और मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ और कार्रवाई
फिलहाल विजय चौहान से कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नशे में गाड़ी चलाने और सरकारी सेवक होकर कानून तोड़ने के मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उसके खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया जा रहा है।
बड़े सवाल
यह घटना पुलिस विभाग की आंतरिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाती है:
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क्या पुलिसकर्मी नशे में गाड़ी चलाने से ऊपर हैं?
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डीआरपी लाइन में तैनात कर्मी की इस हरकत पर क्या विभाग की कोई निगरानी नहीं?
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क्या सरकारी वाहन का दुरुपयोग हो रहा था?
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