
इज़रायल। ईरान और इज़रायल के बीच जारी संघर्ष ने अब एक और खतरनाक मोड़ ले लिया है। सोमवार को इज़रायल के तीसरे सबसे बड़े शहर हाइफ़ा (Haifa) पर ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों ने भारी तबाही मचाई है। इस हमले में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दो अन्य नागरिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। हमले के बाद से ही पूरे मध्य इज़रायल में हवाई हमले के सायरन (Air Raid Sirens) लगातार बज रहे हैं, जिससे नागरिकों में दहशत का माहौल है।
रिहाइशी इमारत पर गिरी भारी मिसाइल जानकारी के अनुसार, रविवार को ईरान की ओर से इज़रायल पर चार घातक मिसाइलें दागी गईं। इनमें से एक भारी मिसाइल सीधे हाइफ़ा स्थित एक बहुमंजिला अपार्टमेंट बिल्डिंग पर जा गिरी। धमाका इतना ज़ोरदार था कि इमारत का एक बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इमारत का जो हिस्सा अभी खड़ा है, वह भी पूरी तरह असंतुलित हो चुका है, जिससे राहत और बचाव कार्य (SDRF/IDF Rescue) में भारी बाधा आ रही है।
रात भर चला रेस्क्यू ऑपरेशन इज़रायली राहत और बचाव दल रविवार पूरी रात मलबे को हटाने और दबे हुए लोगों को निकालने के अभियान में जुटे रहे। सोमवार सुबह तक मलबे से दो शव बरामद किए गए हैं। इज़रायली सेना (IDF) के मुताबिक, मलबे के नीचे अभी भी दो लोगों के दबे होने की आशंका है। इसी बीच, सोमवार सुबह भी ईरान की ओर से तीन और मिसाइलें दागे जाने की खबर मिली, जिनमें से अधिकांश को इज़रायल के डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया।
सामरिक रूप से महत्वपूर्ण है हाइफ़ा हाइफ़ा शहर भूमध्य सागर के तट और माउंट कार्मेल की ढलानों पर बसा है। अपनी भौगोलिक स्थिति और बंदरगाह के कारण यह इज़रायल का एक प्रमुख सामरिक केंद्र है। लेबनान सीमा के करीब होने की वजह से यह अक्सर हिज़्बुल्लाह और अब सीधे ईरान के निशाने पर रहता है। इज़रायली रक्षा सूत्रों का कहना है कि ईरान की ओर से और भी मिसाइल हमले होने की प्रबल आशंका है, जिसके चलते पूरे देश में 'हाई अलर्ट' घोषित कर दिया गया है।
फिलहाल, प्रशासन प्रभावित क्षेत्र में गिरे मलबे को सुरक्षित रूप से हटाने और फंसे हुए लोगों को ढूंढने की कोशिशों में जुटा है।
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