
ईरान मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव चरम पर पहुंच गया है। सोमवार को इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए संयुक्त हमलों में ईरान के अत्यंत शक्तिशाली सैन्य बल, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को अपूरणीय क्षति हुई है। IRGC ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि इन हमलों में उनके खुफिया संगठन के प्रमुख, मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत हो गई है। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, IRGC ने इस घटना को एक 'कायरतापूर्ण आतंकवादी हमला' करार दिया है।
हमलों में 25 से अधिक लोगों की मौत यह हमला उस समय हुआ जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीजफायर की कोशिशें की जा रही थीं। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को ईरान के विभिन्न ठिकानों पर की गई बमबारी में 25 से अधिक लोगों की जान चली गई। ईरान की सरकारी मीडिया ने खादेमी की मौत को 'शहादत' बताते हुए कहा कि दुश्मन देशों ने सीधे तौर पर ईरान की सैन्य शक्ति के मुख्य स्तंभ को निशाना बनाया है। इस घटना के बाद तेहरान में सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है।
ट्रंप का कड़ा रुख: 'होर्मुज स्ट्रेट' पर आखिरी अल्टीमेटम इस सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ मोर्चा और कड़ा कर दिया है। ट्रंप ने 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को पूरी तरह खोलने के लिए ईरान को मंगलवार रात 8 बजे तक की मोहलत दी है। ट्रंप का आरोप है कि ईरान इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को बाधित कर रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है। हालांकि, ईरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह मार्ग उसके मित्र देशों के लिए हमेशा खुला है।
नर्क जैसी स्थिति की चेतावनी डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रूथ सोशल' पर बेहद सख्त लहजे में ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने लिखा कि यदि मंगलवार तक उनकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जाएगा। ट्रंप ने इस संभावित कार्रवाई को 'पावर प्लांट और ब्रिज डे' का नाम देते हुए कहा कि ईरान नरक जैसी स्थिति झेलने के लिए तैयार रहे। इस धमकी के बाद पूरी दुनिया की नजरें अब मंगलवार की समय सीमा पर टिकी हैं, जिससे युद्ध का खतरा और बढ़ गया है।
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