
तेहरान/यरूशलेम. पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण युद्ध के बीच ईरान ने दुनिया की धड़कनें तेज कर दी हैं. ईरानी संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी ने 'होर्मुज स्ट्रेट मैनेजमेंट प्लान' को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत इस रास्ते से गुजरने वाले विदेशी जहाजों पर 'टोल' (टैक्स) लगाया जाएगा. दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि युद्ध अभी लंबा खिंच सकता है.
ईरान का नया दांव: अमेरिका-इजरायल के जहाजों पर 'बैन'
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के कुल कच्चे तेल की सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा वहन करता है. ईरान के इस नए प्रस्ताव में कई कड़े प्रावधान शामिल हैं:
टोल का भुगतान: गुजरने वाले जहाजों को टोल का भुगतान ईरान की राष्ट्रीय मुद्रा रियाल में करना होगा.
एंट्री पर रोक: अमेरिका, इजरायल और उन देशों के जहाजों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा जो ईरान पर एकतरफा प्रतिबंधों का समर्थन करते हैं.
संप्रभुता: इस प्लान का उद्देश्य इस रणनीतिक जलमार्ग पर ईरान के संप्रभु नियंत्रण को मजबूत करना है.
कानूनी प्रक्रिया: हालांकि कमेटी ने इसे पास कर दिया है, लेकिन कानून बनने के लिए इसे अभी संसद के पूर्ण सत्र और गार्जियन काउंसिल की अंतिम मुहर की जरूरत है.
नेतन्याहू का बड़ा बयान: "जंग का समय तय नहीं"
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने न्यूजमैक्स (Newsmax) को दिए एक इंटरव्यू में युद्ध की स्थिति साफ की:
लक्ष्य: उन्होंने दावा किया कि इजरायली सेना ने युद्ध के आधे से ज्यादा लक्ष्य (50% से अधिक) हासिल कर लिए हैं.
समय सीमा: उन्होंने यह मानने से इनकार कर दिया कि जंग कब खत्म होगी. उनके मुताबिक, मिशन पूरा होने में समय लग सकता है.
ईरान पर नजर: नेतन्याहू ने भविष्यवाणी की कि इस युद्ध के अंत तक ईरान का मौजूदा शासन अंदरूनी रूप से कमजोर होकर ढह सकता है.
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर खतरा
अगर ईरान इस टोल को लागू करता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने पहले ही संकेत दिया है कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में 'नेविगेशन की स्वतंत्रता' बहाल करने के लिए सैन्य सुरक्षा (Escort) जैसे कदम उठा सकता है.
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