
झाबुआ जिले के रानापुर क्षेत्र से सटे पाड़लवा के मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों ने शुक्रवार को एक अनूठा कदम उठाया। 15 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे विद्यार्थियों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्टर से मुलाकात की।
यह छात्र समूह शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे पाड़लवा से अपने विद्यालय की समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट के लिए निकल पड़ा। रास्ते में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन विद्यार्थी नहीं माने और अड़े रहे कि वे कलेक्टर से ही अपनी शिकायतें करेंगे। कई अधिकारियों ने उनका पीछा किया और उनके साथ पैदल चलकर समझाने की कोशिश की, लेकिन विद्यार्थियों के जज़्बे के आगे कोई भी प्रयास विफल रहा।
दोपहर ढाई बजे तक यह घटनाक्रम जारी रहा और अंततः वे कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां कलेक्टर नेहा मीना से मुलाकात की। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने भी विद्यार्थियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं पर चर्चा की।

विद्यार्थियों की समस्याएं:
पानी की समस्या: विद्यार्थियों को दूषित कुएं का पानी पीने के लिए मजबूर किया जा रहा है, क्योंकि स्कूल की पानी की पाइपलाइन एक साल से अधूरी पड़ी है।
स्वास्थ्य खतरे: गंदगी से भरी पानी की टंकियां और जर्जर शौचालय बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बने हुए हैं।
सुरक्षा चिंता: स्कूल के सामने स्थित बिजली ट्रांसफार्मर एक साल पहले ब्लास्ट हो चुका है, लेकिन अब तक उस पर सुरक्षा जाली नहीं लगाई गई है।
विद्यालय भवन की स्थिति: स्कूल की खिड़कियां टूटी हुई हैं और पंखों की खुली वायरिंग से किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
शैक्षणिक सुविधाओं की कमी: विद्यालय में कंप्यूटर शिक्षक, पुस्तकालय और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं की भारी कमी है।
खेल सामग्री की कमी: खेल और प्रायोगिक सामग्री की कमी के कारण प्रतिभावान छात्र राज्य स्तर पर चयनित होने के बावजूद संसाधनों के अभाव में पिछड़ रहे हैं।
यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और विद्यार्थियों की हिम्मत को सराहा जा रहा है। कलेक्टर ने समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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