
श्योपुर जिले के ओछापुरा क्षेत्र अंतर्गत खुटका गांव के पास स्थित पठार धूनी हनुमान मंदिर क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जंगल से दूध लेकर लौट रही महिला पर अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, हालांकि उसके पति की सूझबूझ और साहस से उसकी जान बच गई।
मुरैना जिले के सबलगढ़ निवासी रामरती अपने पिता संत केशवपुरी से मिलने मंदिर क्षेत्र गई थीं। लौटते समय अचानक जंगल से निकले तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनके दोनों हाथों, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरे जख्म आ गए। महिला की चीख-पुकार सुनकर पति भागीरथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए तेंदुए पर पत्थर फेंके, जिससे तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया और रामरती की जान बच सकी।
पुलिस ने कराया अस्पताल में भर्ती
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी महेंद्र सिंह धाकड़ ने तत्परता दिखाते हुए वाहन की व्यवस्था कर घायल महिला को जिला अस्पताल श्योपुर भिजवाया। वहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर के जेएएच ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
फिलहाल रामरती का इलाज जेएएच ट्रॉमा सेंटर में जारी है। बुधवार को पीएसएम विभाग के डॉक्टरों ने उन्हें रैबीज इंजेक्शन लगाए। डॉक्टरों के अनुसार महिला के हाथ और पैर में गंभीर घाव हैं, हालांकि उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पठार धूनी और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से तेंदुए की गतिविधियां देखी जा रही हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है।
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