
अशोकनगर. मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। विद्युत वितरण कंपनी पिपरई क्षेत्र में पदस्थ लाइनमैन बाबूराम पटेल को आटा चक्की का कमर्शियल बिजली कनेक्शन देने के नाम पर 5,000 रुपये की रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। रिश्वत की रकम हाथ में लेते ही लोकायुक्त टीम द्वारा धोए जाने पर जब आरोपी के हाथ गुलाबी हुए तो उसके चेहरे की हवाइयां उड़ गईं।
पूरा मामला अशोकनगर जिले के पिपरई थाना अंतर्गत ग्राम कुकररेठा का है:
शिकायतकर्ता: ग्राम कुकररेठा निवासी श्रीराम बैरागी ने अपनी आटा चक्की चलाने के लिए एसएसपी मोटर बिजली कनेक्शन हेतु आवेदन दिया था।
रिश्वत की मांग: लंबा समय बीत जाने के बाद भी जब कनेक्शन नहीं दिया गया, तब पीड़ित ने विद्युत कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू किए। वहां पदस्थ लाइनमैन बाबूराम पटेल ने काम पूरा करने के एवज में 10,000 रुपये रिश्वत की मांग रख दी।
लोकायुक्त में शिकायत: बार-बार की मांग से परेशान होकर श्रीराम बैरागी ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर से लिखित शिकायत कर दी।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सीक्रेट सत्यापन (Verification) कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई।
इसके बाद शुक्रवार को ग्वालियर लोकायुक्त के निरीक्षक उपेंद्र दुबे के नेतृत्व में टीम ने अशोकनगर पहुंचकर ट्रैप की योजना बनाई। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय सौदे के मुताबिक पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपये लाइनमैन बाबूराम पटेल को दिए, आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उसे तुरंत धर दबोचा।
ट्रैप की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जब लाइनमैन के हाथों को केमिकल युक्त पानी से धुलवाया गया, तो पानी का रंग तुरंत गुलाबी हो गया।
अचानक हुई इस छापामारी से बिजली कार्यालय और पूरे जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की राशि जब्त कर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और एक रेस्टोरेंट में ले जाकर बाकी कागजी व वैधानिक औपचारिकताएं पूरी कीं।
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