
दमोह: मध्य प्रदेश में सरकारी तंत्र के भीतर जड़ें जमा चुके भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए सागर लोकायुक्त की टीम ने दमोह में बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार रात लोकायुक्त पुलिस ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में पदस्थ तीन बाबुओं को एक शिक्षक से 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। यह कार्रवाई पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने योजनाबद्ध तरीके से की गई, जिसके बाद पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
निलंबन बहाली के नाम पर मांगी थी एक लाख की घूस मामले का खुलासा तब हुआ जब पटेरा स्थित शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक नवेन्द्र कुमार आठया ने लोकायुक्त कार्यालय सागर में शिकायत दर्ज कराई। नवेन्द्र ने बताया कि उनकी निलंबन अवधि समाप्त कर सेवा में बहाली करने और उनके विरुद्ध चल रही विभागीय जांच को खत्म करने के बदले में डीईओ ऑफिस के बाबू एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे। सौदा 80 हजार रुपये में तय हुआ, जिसके बाद लोकायुक्त टीम ने रिश्वतखोरों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
बाइक की डिक्की में रखवाए पैसे, टीम ने घेराबंदी कर पकड़ा लोकायुक्त पुलिस की योजना के अनुसार, सोमवार रात जैसे ही तीनों आरोपी—अनिल कुमार साहू (माध्यमिक शिक्षक, डीईओ ऑफिस में अटैच), मनोज कुमार श्रीवास्तव (सहायक ग्रेड-2) और नीरज कुमार सोनी (सहायक ग्रेड-3)—रिश्वत की रकम लेने पहुंचे, टीम सक्रिय हो गई। आरोपियों ने जैसे ही आवेदक से 80 हजार रुपये लेकर अपनी बाइक की डिक्की में रखे, पहले से घात लगाकर बैठी लोकायुक्त टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। नोटों पर लगे केमिकल और हाथ धुलवाते ही लाल हुए पानी ने भ्रष्टाचार की पुष्टि कर दी।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज लोकायुक्त निरीक्षक के अनुसार, शिकायत का सत्यापन होने के बाद इस ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया गया। आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई में निरीक्षक मंजू किरण तिर्की, रंजीत सिंह और प्रधान आरक्षक सफीक खान सहित सागर लोकायुक्त का भारी स्टाफ शामिल रहा। फिलहाल, पुलिस आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और विभागीय मिलीभगत की भी जांच कर रही है ताकि इस सिंडिकेट के अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
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