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उमरिया में देवास की घटना के बाद आबकारी विभाग का एक्शन, उमड़ार नदी किनारे फिर मिला अवैध महुआ लाहन


उमरिया। प्रदेश के देवास में अवैध शराब से जुड़ी घटनाओं के बाद आबकारी विभाग ने उमरिया जिले में भी कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम उजनिया और ज्वालामुखी में विभागीय टीम ने दबिश देकर उमड़ार नदी के किनारे बड़ी मात्रा में महुआ लाहन बरामद किया। इसका इस्तेमाल कच्ची देशी शराब बनाने के लिए किया जाना था। टीम ने मौके पर ही बरामद लाहन को नष्ट करा दिया।

नदी किनारे जमा किया गया था महुआ लाहन

आबकारी विभाग की कार्रवाई के दौरान उमड़ार नदी के आसपास अवैध शराब निर्माण से जुड़े ठिकानों का पता चला। यहां बड़ी मात्रा में महुआ लाहन एकत्र किया गया था। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर इसे जब्त किया और नष्ट करने की कार्रवाई की, ताकि इससे कच्ची शराब तैयार न की जा सके।

पहले भी इसी इलाके में मिल चुका है लाहन

इस कार्रवाई का अहम पहलू यह है कि उजनिया और ज्वालामुखी क्षेत्र आबकारी विभाग के लिए नया नहीं है। उमड़ार नदी के किनारे पहले भी कई बार बड़ी मात्रा में महुआ लाहन बरामद किया जा चुका है। इसके बावजूद उसी इलाके में दोबारा अवैध शराब निर्माण की गतिविधियां सामने आने से विभागीय निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं।

सवाल यह है कि जब पहले ही इन ठिकानों की पहचान हो चुकी थी, तो फिर यहां दोबारा इतनी बड़ी मात्रा में महुआ लाहन कैसे जमा हो गया? क्या कार्रवाई के बाद कुछ समय तक अवैध गतिविधियां बंद रहती हैं और फिर कारोबारी दोबारा अपना काम शुरू कर देते हैं?

सिर्फ लाहन नष्ट करने से नहीं रुकेगा अवैध कारोबार

देवास की घटनाओं ने अवैध और मिलावटी शराब से होने वाले गंभीर खतरों को एक बार फिर उजागर किया है। महुआ लाहन से तैयार होने वाली कच्ची शराब का सेवन लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में उमरिया जिले में अवैध शराब निर्माण के संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी जरूरी है।

केवल महुआ लाहन जब्त कर नष्ट करने से इस कारोबार पर स्थायी रोक लगाना मुश्किल है। विभाग को उन लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई करनी होगी, जो इस अवैध गतिविधि में शामिल हैं।

नियमित गश्त और मुखबिर तंत्र मजबूत करने की जरूरत

उमड़ार नदी के किनारे बार-बार अवैध शराब निर्माण से जुड़ी गतिविधियां सामने आना आबकारी विभाग के लिए चुनौती है। जरूरी है कि क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, मुखबिर तंत्र मजबूत किया जाए और पूर्व में कार्रवाई वाले ठिकानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। इससे अवैध शराब के निर्माण और कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

Date & Time : 2026-11-03 07:32:00

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