
मैहर, 18 सितंबर। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह और कलेक्टर मती बिदिशा मुखर्जी ने पीएम शासकीय हाईस्कूल पाला का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं, प्रयोगशाला एवं अध्यापन गतिविधियों का जायजा लिया और विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी शैक्षणिक प्रगति एवं भविष्य के लक्ष्यों की जानकारी ली।
कमिश्नर सिंह ने विद्यालय की विज्ञान प्रयोगशाला का निरीक्षण करते हुए विद्यार्थियों द्वारा किए जाने वाले साइंस प्रोजेक्ट्स की जानकारी ली। उन्होंने अध्ययन कक्ष में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कराए जा रहे अध्यापन के संबंध में शिक्षक से जानकारी प्राप्त की तथा आधुनिक शिक्षण संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
छात्रों से जाना भविष्य का लक्ष्य
कमिश्नर सिंह एवं कलेक्टर मती मुखर्जी ने कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों से संवाद किया। कमिश्नर ने छात्रों से पूछा कि वे शिक्षा पूर्ण करने के बाद क्या बनना चाहते हैं। विद्यार्थियों ने डिजिटल क्रिएटर, डॉक्टर, कलेक्टर, इंजीनियर, उद्यमी, पुलिस अधिकारी, लोको पायलट, शिक्षक एवं समाजसेवी बनकर देश सेवा करने की इच्छा व्यक्त की।
कलेक्टर बनने की इच्छा व्यक्त करने वाले विद्यार्थियों से कमिश्नर सिंह ने इसका कारण भी पूछा। विद्यार्थियों ने बताया कि कलेक्टर बनकर वे समाज में सम्मान प्राप्त करने के साथ लोगों की सहायता करने में अधिक सक्षम होना चाहते हैं।

कमिश्नर सिंह ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर अध्ययन करने तथा अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर उसके अनुरूप निरंतर मेहनत एवं अनुशासन के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बिहेवियरल ट्रेनिंग पर जोर
कमिश्नर सिंह ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ ही उनकी बिहेवियरल ट्रेनिंग पर भी ध्यान दिया जाए। छात्रों को समय-समय पर उनके निर्धारित लक्ष्य की याद दिलाते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने विद्यालय में नियमित रूप से करियर काउंसलिंग आयोजित करने के निर्देश भी दिए, ताकि विद्यार्थियों को उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप भविष्य के अवसरों की जानकारी मिल सके।
कमिश्नर सिंह एवं कलेक्टर मती मुखर्जी ने कक्षा में पढ़ाए जा रहे मानव नेत्र से संबंधित विषय पर विद्यार्थियों से प्रश्न किए और उनकी समझ का परीक्षण किया। कमिश्नर सिंह ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को विषय की बेहतर समझ के लिए प्रायोगिक गतिविधियों एवं प्रयोगों के माध्यम से अध्यापन कराया जाए, ताकि वे विषय को केवल पढ़ें नहीं, बल्कि उसे व्यवहारिक रूप से भी समझ सकें।
इस अवसर पर राज्य स्तर पर 1857 के मॉडल में उत्कृष्ट कार्य करने वाली छात्रा सु रानी रजक को कमिश्नर सिंह एवं कलेक्टर मती मुखर्जी ने सम्मानित किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी मती सलोनी शर्मा, ग्राम पंचायत पाला की सरपंच सहित संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।

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