
मैहर जिले में सड़क हादसे के शिकार हुए दो सगे भाई-बहन के लिए जिले के पुलिस कप्तान संकटमोचक बनकर सामने आए। बंशीपुर निवासी 16 वर्षीय सौरभ पाल और उनकी 18 वर्षीय बहन शिवानी पाल मोटरसाइकिल से बंशीपुर से मैहर की ओर आ रहे थे, तभी रास्ते में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दोनों भाई-बहन गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।
उसी दौरान वहां से गुजर रहे पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने दुर्घटना को देखते ही तुरंत अपना काफिला रुकवाया। मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यपरायणता का परिचय देते हुए उन्होंने बिना समय गंवाए दोनों घायलों को अपने आधिकारिक वाहन में बैठाया और तत्काल मैहर के सिविल अस्पताल पहुँचाया। अस्पताल में दोनों घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई, जहाँ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने आम नागरिकों से सड़क दुर्घटनाओं के समय आगे आकर पीड़ितों की जान बचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद का पहला घंटा यानी 'गोल्डन आवर' पीड़ित की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। समय पर अस्पताल पहुँचने से कई गंभीर जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि घायलों की मदद करने वाले जागरूक नागरिकों से पुलिस किसी भी प्रकार की अनावश्यक पूछताछ नहीं करेगी। इसके साथ ही शासन की राहवीर योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुँचाने वाले मददगारों को 25,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी तथा 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा।
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