
देवास जिले में शराब माफिया के खिलाफ पुलिस की चौतरफा और सख्त कार्रवाई जारी है। खातेगांव थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पुरी की शहादत के मामले में पुलिस ने अवैध शराब नेटवर्क के मुख्य सरगना राहुल जायसवाल (निवासी टिमरनी, जिला हरदा) को गिरफ्तार कर लिया है। 2 नवंबर की रात सांडलपुर फाटा स्थित नर्मदा ढाबा के सामने अवैध शराब से भरी आयशर गाड़ी (क्रमांक MP-43 H-4786) की नाकाबंदी के दौरान जब टीआई पुरी ने तलाशी लेने का प्रयास किया, तो चालक गजेंद्र उर्फ अक्कु रावत ने जान से मारने की नीयत से उन पर गाड़ी चढ़ा दी थी। गंभीर रूप से घायल निरीक्षक पुरी का उपचार के दौरान दुखद निधन हो गया, जबकि आरक्षक सोहन जाट भी इस हमले में घायल हुए। पुलिस ने शराब से भरे वाहन को जप्त कर प्रकरण में सहयोगी विजय राव (इंदौर) और वाहन उपलब्ध कराने वाले केरम सिंह (अलीराजपुर) को भी हिरासत में ले लिया है। विवेचना में खुलासा हुआ कि यह शराब टिमरनी से गुजरात भेजी जा रही थी। इस पूरे नेटवर्क में बड़वानी निवासी पाटेन्द्र जायसवाल की 10 प्रतिशत और राहुल, मनीष व मोहिन जायसवाल की 30-30 प्रतिशत हिस्सेदारी सामने आई है।
उधर, देवास के चंदाना और बिंजाना गांव में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में भी पुलिस ने जांच का दायरा विस्तृत कर दिया है। इंदौर से जहरीला केमिकल सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी अमन कासलीवाल के बाद अब उसके पिता आनंद कासलीवाल को भी 13वां आरोपी बनाया गया है। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि आनंद फर्म के बैंक खातों और अन्य वित्तीय गतिविधियों को सक्रिय रूप से संभालते थे। आरोपी बनाए जाने के बाद आनंद का रक्तचाप (बीपी) बढ़ गया, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, सोमवार को कोर्ट ने जहरीली शराब तैयार करने के मुख्य सूत्रधार अजय और सप्लायर अमन कासलीवाल की पुलिस रिमांड दो दिन और बढ़ा दी है। पुलिस दोनों से केमिकल की खरीद-फरोख्त, अवैध आपूर्ति और इंदौर से देवास तक फैले नेटवर्क की कड़ियों को लेकर गहन पूछताछ कर रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष पुलिस महानिदेशक (Special DG) उपेंद्र जैन तत्काल घटनास्थल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच शुरू की। देवास पुलिस अधीक्षक ने मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है और पांच जिलों में पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। प्रशासनिक लापरवाही पर प्रहार करते हुए आबकारी विभाग ने हरदा जिले के टिमरनी वृत्त के सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल, आरक्षक अरुण कुमरे और कृष्णपाल सिंह डोडियार को कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, हरदा कलेक्टर ने लाइसेंसी पाटेन्द्र जायसवाल की टिमरनी स्थित तीन शराब दुकानों—सोडलपुर रोड, रहटगांव और हरदा रोड—के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं।
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