
ग्वालियर. मध्यप्रदेश के ग्वालियर से आज सुबह एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। रविवार, 19 जुलाई की सुबह शहर के चिरवाई नाका इलाके में एक बड़ा हादसा हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यहां पहाड़ी के किनारे बनी लगभग 15 फीट ऊंची एक भारी-भरकम दीवार अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर गिर गई।
हादसा सुबह के वक्त हुआ जब लोग अपनी दैनिक दिनचर्या में व्यस्त थे। दीवार के ठीक नीचे रोजाना की तरह कुछ स्थानीय दुकानदार और वेंडर्स अपने ठेले लगाए हुए थे, वहीं कुछ राहगीर और राह चलते लोग भी वहां खड़े थे। दीवार गिरते ही किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वहां मौजूद लोग सीधे मलबे की चपेट में आ गए।
दीवार गिरते ही इलाके में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और रेस्क्यू टीम (SDRF) बिना कोई वक्त गंवाए फौरन मौके पर पहुंच गए।
राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। मलबे को हटाने के लिए तुरंत जेसीबी (JCB) मशीनों को काम पर लगाया गया। बचाव दल ने बेहद सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए अब तक मलबे से एक महिला समेत तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि, मलबे से निकाले गए इन सभी लोगों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। एम्बुलेंस के जरिए सभी घायलों को इलाज के लिए तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने में जुटी है।
इस दर्दनाक हादसे से जुड़ी एक बेहद दुखद खबर भी आ रही है। मलबे में दबने के कारण दो महिलाओं की मौत होने की प्रारंभिक सूचना मिली है, जिससे प्रशासनिक अमले और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है। हालांकि, प्रशासन द्वारा अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि और शिनाख्त की प्रक्रिया की जा रही है।
मौके पर स्थिति: फिलहाल दुर्घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा है और सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने इलाके को कॉर्डन ऑफ कर दिया है। मलबे में अभी भी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते रेस्क्यू टीम का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। एक-एक पत्थर को बेहद सावधानी से हटाया जा रहा है ताकि अगर कोई अंदर फंसा हो तो उसे सुरक्षित निकाला जा सके।
यह दीवार इतनी कमजोर कैसे थी और इसके गिरने की मुख्य वजह क्या रही, इन तमाम पहलुओं को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी किनारे बनी इस दीवार की स्थिति को लेकर पहले भी चिंताएं थीं। बहरहाल, प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने और घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने की है।
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