Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

'मन की बात' में पीएम मोदी ने केवाईसी, री-केवाईसी और नियमित पासवर्ड बदलने के महत्व पर दिया जोर

नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' में केवाईसी, री-केवाईसी और नियमित रूप से पासवर्ड बदलने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "सही केवाईसी और समय पर री-केवाईसी आपके बैंक खाते को सुरक्षित रखती है। सशक्त नागरिक बनें, क्योंकि सशक्त नागरिक ही मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे।"

नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' में केवाईसी, री-केवाईसी और नियमित रूप से पासवर्ड बदलने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "सही केवाईसी और समय पर री-केवाईसी आपके बैंक खाते को सुरक्षित रखती है। सशक्त नागरिक बनें, क्योंकि सशक्त नागरिक ही मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे।"

प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के 131वें एपिसोड में देश को संबोधित करते हुए कहा कि वे डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों पर पहले भी विस्तार से बात कर चुके हैं। इसके बावजूद ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, इसलिए लोगों को डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी से सतर्क रहने की जरूरत है।

केवाईसी (नो योर कस्टमर) के बारे में बताते हुए, जो बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा की जाने वाली एक अनिवार्य सत्यापन प्रक्रिया है, प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि बैंक से केवाईसी या री-केवाईसी का संदेश मिले तो घबराना नहीं चाहिए, भले ही पहले यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी हो, क्योंकि यह आपके पैसे की सुरक्षा के लिए होता है।

उन्होंने कहा, "आज पेंशन, सब्सिडी, बीमा, यूपीआई सब कुछ बैंक से जुड़ा है। इसलिए समय-समय पर री-केवाईसी करना जरूरी है।"

प्रधानमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि कुछ अपराधी फर्जी कॉल और लिंक भेजकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं, इसलिए नागरिकों को ऐसे जाल में नहीं फंसना चाहिए।

उन्होंने कहा, "केवाईसी या री-केवाईसी केवल बैंक की शाखा, आधिकारिक ऐप या अधिकृत माध्यम से ही करें। किसी के साथ भी अपनी जानकारी या ओटीपी साझा न करें।" साथ ही उन्होंने नियमित रूप से पासवर्ड बदलने की सलाह दी।

इस बीच, 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भविष्य में एआई की ताकत के उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है।

उन्होंने कहा, "समिट में मुझे दुनिया के नेताओं और टेक कंपनियों के सीईओ से मिलने का अवसर मिला। इस सम्मेलन में बताया गया कि एआई किस तरह जानवरों के इलाज में मदद कर रहा है और किसान चौबीसो घंटे एआई के माध्यम से अपनी डेयरी और पशुओं की निगरानी कर रहे हैं।"

--आईएएनएस

डीबीपी/

Share:

Leave A Reviews

Related News