
मंडला. मध्य प्रदेश के मंडला जिले से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है। महाराष्ट्र से उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक मिनी बस गुरुवार तड़के महाराजपुर थाना क्षेत्र में अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में करीब आधा दर्जन श्रद्धालु घायल हो गए हैं, जिनमें से एक महिला का हाथ टूटने की खबर है। हादसे के वक्त बस में बच्चे और महिलाओं समेत करीब 24 यात्री सवार थे।
तड़के 2:30 बजे हुआ हादसा, मची अफरा-तफरी जानकारी के मुताबिक, यह सभी श्रद्धालु महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के आमगांव से मिनी बस में सवार होकर उज्जैन महाकाल मंदिर के दर्शन के लिए निकले थे। गुरुवार तड़के करीब 2:30 बजे जैसे ही बस मंडला के महाराजपुर क्षेत्र में पहुंची, अंधेरे के कारण चालक अपना नियंत्रण खो बैठा। गाड़ी सड़क पर बने एक डिवाइडर से जोरदार तरीके से टकराई और सड़क पर ही पलट गई। आधी रात को हुए इस हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, घायलों को पहुंचाया अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही महाराजपुर थाना पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने बस की खिड़कियों और दरवाजों से सुरक्षित यात्रियों और घायलों को बाहर निकाला।
घायलों का उपचार: हादसे में करीब 6 यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि एक महिला गंभीर रूप से चोटिल हुई है जिसका हाथ टूट गया है। सभी घायलों को तुरंत एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेजा गया।
यात्रियों के ठहरने का इंतजाम: हादसे से डरे-सहमे शेष सुरक्षित यात्रियों को पुलिस ने संगम स्थित एक धर्मशाला में ठहराया है, जहाँ उनके खाने-पीने और आराम की व्यवस्था की गई।
हाइड्रोलिक क्रेन से हटाई बस: दुर्घटनाग्रस्त मिनी बस को क्रेन की सहायता से बीच सड़क से हटाकर महाराजपुर थाना परिसर में खड़ा करवा दिया गया है ताकि यातायात बाधित न हो।
बिना रेडियम और रिफ्लेक्टर का 'कातिल' डिवाइडर बना हादसे की वजह
स्थानीय निवासियों ने इस हादसे के बाद प्रशासन और निर्माण एजेंसी के खिलाफ भारी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि महाराजपुर रोड पर बना यह डिवाइडर लंबे समय से राहगीरों के लिए 'काल' बना हुआ है।
"इस डिवाइडर पर न तो पर्याप्त चेतावनी संकेतक (Signboards) लगाए गए हैं और न ही कोई रिफ्लेक्टर या रेडियम प्लेट लगाई गई है। रात के घने अंधेरे में दूर से आ रहे वाहन चालकों को यह डिवाइडर बिल्कुल दिखाई नहीं देता, जिससे यहाँ आए दिन गाड़ियां टकराकर दुर्घटनाग्रस्त होती रहती हैं।" - स्थानीय नागरिक
पुलिस ने फिलहाल मामले को जांच में ले लिया है और हादसे के सही कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
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