
मंदसौर जिले के कोटड़ाबुजुर्ग गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ बुधवार को आइसक्रीम खाने से 8 मासूम बच्चे फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। घटना उस समय हुई जब गांव में एक आइसक्रीम विक्रेता पहुंचा था और बच्चों ने उससे आइसक्रीम खरीदी। आइसक्रीम खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी और उनकी स्थिति बिगड़ने लगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ बच्चों की स्थिति इतनी खराब थी कि उनके मुंह से झाग निकलने लगा, जिसे देख गांव में दहशत फैल गई।
भवानीमंडी अस्पताल में चल रहा इलाज तबीयत बिगड़ते ही आनन-फानन में सभी 8 बच्चों को इलाज के लिए नजदीकी राजस्थान सीमा पर स्थित भवानीमंडी के अस्पताल में भर्ती कराया गया। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. दरबारसिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि डॉक्टरों की टीम बच्चों की सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है। फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन 8 बच्चों में से एक बच्चे की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिसे बचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
आइसक्रीम के सैंपल और प्रशासन की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही मंदसौर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। विभाग ने संबंधित आइसक्रीम विक्रेता और उसके पास मौजूद सामग्री के सैंपल लिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या आइसक्रीम में किसी प्रकार के खतरनाक केमिकल या दूषित दूध का इस्तेमाल किया गया था। प्रशासन यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आइसक्रीम विक्रेता कहां का रहने वाला है और वह यह माल कहां से लाया था।
परिजनों में चिंता और गांव में सन्नाटा कोटड़ाबुजुर्ग गांव में इस समय सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मिलावटखोरों और दूषित सामग्री बेचने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की पीड़ा न झेलनी पड़े। एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में अन्य बच्चों के स्वास्थ्य की भी जांच की है ताकि किसी और में संक्रमण के लक्षण न दिखाई दें।
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