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विधायक अभय मिश्रा हिरासत में, भोपाल मंत्रालय के सामने धरने पर बैठे सेमरिया विधायक


भोपाल में वल्लभ भवन (मंत्रालय) के सामने बुधवार को उस समय सियासी सरगर्मी और भारी हंगामा बढ़ गया, जब रीवा जिले की सेमरिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा को पुलिस ने धरना स्थल से जबरन हटाकर हिरासत में ले लिया। विधायक अभय मिश्रा रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध गांधी स्मारक अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात शिशु की उपचार के दौरान हुई संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर मंत्रालय के प्रवेश द्वार पर धरने पर बैठे थे। विधायक के धरने पर बैठते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और मुश्किल से आधे घंटे के भीतर भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर उन्हें वहां से हटा दिया।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे और सीबीआई जांच की मांग पर अड़े विधायक

धरने के दौरान विधायक अभय मिश्रा ने सरकार और स्वास्थ्य महकमे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 22 वर्षीय प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत डॉक्टरों तथा नर्सिंग स्टाफ की घोर चिकित्सीय लापरवाही का परिणाम है, लेकिन शासन स्तर से अब तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। विधायक ने मामले की निष्पक्ष केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच कराने और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई। पुलिस अधिकारियों ने धारा 144 और मंत्रालय परिसर में बिना पूर्व अनुमति धरना प्रदर्शन प्रतिबंधित होने का हवाला देकर उन्हें समझाने का प्रयास किया, किंतु विधायक अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन उठाकर वाहन में बैठाया और मौके पर लगाए गए सभी पोस्टर-बैनर जब्त कर धरना स्थल खाली कराया।

पुलिस ने कहा- केवल घर भेजा, कांग्रेस ने बताया लोकतंत्र का अपमान

कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रतिबंधित वीआईपी क्षेत्र में बिना अनुमति धरना देने के कारण विधायक को वहां से हटाया गया और उनकी कोई औपचारिक गिरफ्तारी नहीं की गई है, बल्कि सुरक्षाकर्मियों (पीएसओ) के साथ उन्हें उनके आवास पर भेज दिया गया। उधर, विधायक को जबरन उठाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में भारी रोष फैल गया। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के राज में न्याय मांगना अपराध बन चुका है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे जनप्रतिनिधि को हिरासत में लेना लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज बुलंद रखेगी।

Date & Time : 2026-09-09 09:13:39

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