
धर्म डेस्क. हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन वर्ष 2026 की मोहिनी एकादशी कई मायनों में बेहद खास होने वाली है। 27 अप्रैल, सोमवार को पड़ने वाली इस एकादशी पर ध्रुव योग और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति के नए द्वार खोलेगा।
पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि शाम 06:15 बजे तक रहेगी। ज्योतिष शास्त्र में इस दिन बनने वाले ध्रुव योग (रात 09:36 तक) को स्थिरता और संकल्प सिद्धि का कारक माना गया है।
नक्षत्र का प्रभाव: पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र रात 09:18 तक रहेगा, जो कला, सौंदर्य और सौभाग्य का प्रतीक है।
ग्रहों की स्थिति: चंद्रमा सिंह राशि में विराजमान रहेंगे, जो भक्तों की मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि करेंगे। वहीं सूर्य देव अपनी उच्च राशि मेष में होकर तेज और सफलता का आशीर्वाद देंगे।
यदि आप इस दिन कोई नया कार्य शुरू करना चाहते हैं या विशेष पूजा करना चाहते हैं, तो इन समयों का ध्यान रखें:
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:53 से दोपहर 12:45 तक (किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ)।
अमृत काल: दोपहर 02:41 से शाम 04:20 तक (मंत्र जाप और ध्यान के लिए अति उत्तम)।
तिथि समापन: शाम 06:15 बजे के बाद द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी।
इस पावन तिथि पर भगवान विष्णु के 'मोहिनी' स्वरूप की पूजा की जाती है। शुभ योगों का लाभ उठाने के लिए ज्योतिषी कुछ विशेष सुझाव देते हैं:
अमृत काल में ध्यान: दोपहर के अमृत काल के दौरान भगवान विष्णु के 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। यह मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक होगा।
आत्मविश्वास की वृद्धि: क्योंकि चंद्रमा सिंह राशि में है, इसलिए आज अपने भीतर के डर को त्यागकर नए संकल्प लें।
दान का महत्व: एकादशी पर किसी जरूरतमंद को फल, जल या अन्न का दान करना अनंत पुण्य फलदायी होता है। पक्षियों के लिए पानी का इंतजाम करना भी शुभ माना गया है।
Leave A Reviews